पंजाब की चन्नी सरकार अब एक नए विवाद में फंस गई है। सरकार की आधिकारिक बैठक में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे रिदमजीत सिंह के शामिल होने पर नए बखेड़ा खड़ा हो गया है। भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और मुख्यमंत्री पर अपने पद एवं गोपनीयता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई सफाई नहीं दी गई है।
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गुरुवार को पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सूबे की कानून व्यवस्था को लेकर एक बैठक की थी। इसमें कैबिनेट मंत्री परगट सिंह, गुरकीरत कोटली, कार्यकारी डीजीपी इकबालप्रीत सहोता के साथ एडीजीपी स्तर के अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक को लेकर सूबे के लोक जनसंपर्क विभाग द्वारा एक फोटो जारी की गई, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ ही बैठक में उनके बेटे रिदमजीत भी बैठे हुए हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री पर पद एवं गोपनीयता के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा है कि चन्नी तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही वह कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें सरकार के नियमों की जानकारी होनी चाहिए। इसके बाद भी वह सरकार के नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।
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इस मामले में विवाद खड़ा होने के बाद भी पंजाब सरकार की ओर से कोई सफाई नहीं दी गई है। हालांकि कुछ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री देर रात तक काम करते हैं, जिसके कारण उनके रिश्तेदारों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि रिश्तेदार तो किसी से भी मिलने आ सकते हैं।