वहीं शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष भाई गोविन्द सिंह लोंगोवाल ने कहा है की ऑपरेशन ब्लू स्टार की 36वीं बरसी से पहले छह जून 1984 को भारतीय सेना के हमले में शहीद हुए सिखों की सूची तैयार की जाएगी। यह सूची सिख कौम को समर्पित की जाएगी।
कार्यक्रम से दूरी बनाकर रखता है बादल परिवार
ऑपरेशन ब्लू स्टार पर राजनीति कर पंथक वोट मांगने वाली शिअद का कोई भी बड़ा नेता श्री अकाल तख्त साहिब में आयोजित कार्यक्रम में नहीं पहुंचता है। वर्ष 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पहली बार बरसी कार्यक्रम में पहुंचे थे। इससे पहले व बाद में बादल परिवार ने इस कार्यक्रम में दूरी बना कर रखी। इस कार्यक्रम में बादल समर्थक एसजीपीसी सदस्य व कुछ विधायक ही इस कार्यक्रम ने शामिल होते आए है।
इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कौम के नाम संदेश में कहा कि जून 1984 में तत्कालीन केंद्र सरकार द्वारा किए गए घल्लूघारे को सिख कभी नहीं भुला सकते। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिख कौम को एकजुट होने की अपील करते हुए कहा यह दिवस सिख कौम के लिए आत्ममंथन का समय है।
हर सिख को कौम की चढ़दी कला के लिए पुरानी पंथक परंपराओं पर मजबूती से पहरा देना चाहिए। युवा सिखों के विदेश पलायन करने पर चिंता जताते हुए जत्थेदार ने कहा कि यदि रुझान इसी तरह रहा तो भविष्य में पंजाब के उच्च पदों पर सिख अधिकारी नहीं मिलेंगे। सिख कौम इस मामले पर गंभीरता से विचार करे। विदेशों में मजदूरी करने के बजाय अपने देश में अधिकारी बने।