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ऑपरेशन ब्लू स्टार: पंजाब में अलर्ट, अमृतसर पुलिस छावनी में तब्दील

Mon, 06 Jun 2016 05:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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अमृतसर में अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च - फोटो : amar ujala
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ऑपरेशन ब्लू स्टार की 32वीं बरसी को देखते हुए अमृतसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, पूरे पंजाब में अलर्ट है। किसी भी गड़बड़ी से निपटने को पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी की है। सोमवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी को लेकर दल खालसा ने बंद का आह्वान किया है।
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टकराव की संभावना को टालने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के आसपास पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। दरबार साहिब जाने वाले रास्ते में कई नाके लगाए गए हैं। दरबार साहिब परिसर के अंदर डेढ़ सौ पुलिसकर्मी सादी वर्दी में तैनात किए गए हैं। इनके अलावा एसजीपीसी की टास्क फोर्स भी रहेगी। अमृतसर में करीब चालीस स्ट्रेटेजिक प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जहां से सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। अर्ध सैनिक बलों की छह कंपनियां अमृतसर और दो-दो कंपनियां लुधियाना तथा जालंधर में तैनात की गई हैं। तरनतारन और गुरदासपुर में भी अर्ध सैनिक बल तैनात किए गए हैं। पुलिस ने एक दिन पहले ही कट्टरपंथी नेताओं को गिरफ्तार करने की कवायद शुरू कर दी थी।
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शिअद-अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान और सरबत खालसा में नियुक्त श्री अकालतख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ध्यान सिंह मंड को हाउस अरेस्ट किया गया है। गुरदीप सिंह, सिख यूथ फेडरेशन भिंडरांवाला के प्रधान गुरजिंदर सिंह समेत कई कट्टरपंथी नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, बाकियों पर नजर रखी जा रही है। इस बीच दल खालसा का बंद पुलिस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। दल खालसा ने सभी से सहयोग की अपील की है। सोशल साइट्स के जरिए समर्थन हासिल किया जा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जबरन दुकानें बंद करवाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

मीडिया की एंट्री पर रोक के मामले में  यू-टर्न
शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी ने स्वर्ण मंदिर परिसर में मीडिया की एंट्री पर रोक के मामले में रविवार को यू-टर्न ले लिया। एसजीपीसी के मुख्य सचिव हरचरन सिंह ने कहा कि मीडिया को अनुमति दी जा रही है। साथ ही उनसे विनती भी की जा रही है कि वे ऐसा कुछ न करें, जिससे एसजीपीसी के कार्यक्रम में बाधा पड़े। एक दिन पहले एसजीपीसी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और फोटो जर्नलिस्ट की एंट्री पर रोक लगा दी थी। पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर मामले में पुलिस केसहयोग की मांग की थी। 32 साल के बीच पहली बार मीडिया पर पाबंदी लगाई गई थी।
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