जाट आरक्षण आंदोलन से जूझ रही सरकार की तरफ से मंत्रियों और संगठन की तरफ से पदाधिकारियों ने विपक्षी दलों के खिलाफ जुबानी हमले तेज कर दिए हैं। कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने जाटों की मांगें मानने को लेकर सरकार का पक्ष मजबूती से रखा है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और भाजपा मीडिया विभाग के चेयरमैन राजीव जैन ने पूर्व सीएम हुड्डा और नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला को निशाने पर लिया है।
धनखड़ ने कहा कि सरकार खुले से बातचीत कर रही है और आरक्षण के पक्ष में है। आंदोलनकारियों को भी बड़प्पन दिखाना होगा। सरकार संविधान की नौवीं सूची में भी जाटों को आरक्षण दिलाने की पक्षधर है। मृतकों के साथ ही घायलों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। बिना कानूनी पेचीदगी वाले केस वापस लेने में सरकार को कोई कठिनाई नहीं है।
उधर, विज ने पूर्व सीएम हुड्डा पर अमला बोला कि वे आंदोलनकारियों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे आधारहीन बयान दिए जा रहे हैं, जिनका वास्तविकता से लेनादेना ही नहीं है। राजीव जैन ने कहा कि हुड्डा और उनके समर्थक सत्ता से बेदखली का गम भुला नहीं पा रहे हैं, इसलिए जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में प्रदेश का भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश की है। हुड्डा को लठतंत्र के कारण जनता-जर्नादन ने सत्ता से उखाड़ दिया था।
जैन ने जसिया धरने पर हुड्डा समर्थक एवं निवर्तमान युवा कांग्रेस हलका प्रधान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। जैन ने कांग्रेस के आला नेताओं से आह्वान किया कि वह अपनी गलती को सुधारते हुए अपने समर्थकों की आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करें, अन्यथा जनता समझेगी कि आला नेताओं का ऐसे अमर्यादित शब्दों को मौन समर्थन प्राप्त है।