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चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होने के बाद ही अब अस्पताल में भर्ती होंगे मरीज

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चंडीगढ़। कोरोना के जांच का नमूना देने के बाद रिपोर्ट आने तक अब अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिन मरीजों के घरों में खुद को अलग कमरे में आइसोलेट करने की सुविधा उपलब्ध होगी, उन्हें सैंपल लेने के बाद घर भेज दिया जाएगा। रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि होने पर अस्पताल में भर्ती कर इलाज होगा। प्रशासन ने यह दिशा-निर्देश संदिग्ध मरीजों से अस्पतालों के वार्ड फुल होने की समस्या के समाधान के लिए जारी किए हैं। जीएमएसएच-16 में मरीजों का सैंपल लेने के बाद लोगों को घर भेज दिया जा रहा है।
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जीएमएसएच-16 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल के ज्यादातर वार्ड फुल होते जा रहे थे। वहीं, जांच रिपोर्ट मिलने में ज्यादा समय लग रहा था। इससे सभी मरीजों को ज्यादा समय तक अस्पताल में रोकना पड़ रहा था। इससे अन्य बीमारियों के मरीज का भी इलाज प्रभावित हो रहा था। समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से मदद मांगी गई थी।
जांच प्रक्रिया में बदलाव
कोरोना टेस्ट की गाइड लाइन के अनुसार संदिग्ध मरीजों के जांच की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किया गया है। इसमें सक्षम मरीजों को नमूना लेने के बाद घर भेज दिया जा रहा है। उन्हें घर भेजने से पहले आइसोलेशन की सारी जानकारी दी जा रही है ताकि वे घर में रहते हुए खुद को परिवार के अन्य सदस्यों के संपर्क में आने से दूर रख सकें। रिपोर्ट आने के बाद पॉजिटिव या निगेटिव के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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संक्रमण को रोकने के लिए उठाया कदम
संदिग्ध मरीजों के साथ जिन मरीजों को शहर से बाहर जाने के लिए कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट की जरूरत पड़ रही थी, उन्हें भी 24 घंटे के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा था। ऐसी स्थिति में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती रखने पर संक्रमण का खतरा बढ़ रहा था। इसे देखते हुए नमूना देने के बाद घर भेजने की व्यवस्था लागू की गई है।
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-डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट जीएमएसएच-16 चंडीगढ़
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