पंजाब के मतदाताओं ने इस बार सिर्फ एक महिला को संसद में भेजा है। पिछली बार प्रदेश से चार महिलाएं सांसद बनने में कामयाब हुई थीं। उस समय प्रतिशत के हिसाब से भी देश में सबसे ज्यादा महिलाएं पंजाब से चुनी गई थीं।
इस बार लोकसभा चुनाव में प्रमुख पार्टियों- कांग्रेस और अकाली दल ने दो-दो महिलाओं को टिकट दिया था। कांग्रेस से अंबिका सोनी और परनीत कौर मैदान में थीं। परनीत कौर लगातार तीन बार से सांसद थीं।
वहीं, शिअद ने हरसिमरत कौर बादल और परमजीत कौर गुलशन को मैदान में उतारा था। हरसिमरत दूसरी और गुलशन तीसरी बार चुनाव जीतने की तैयारी में थीं। इनमें से सिर्फ हरसिमरत ही मामूली अंतर से जीत सकीं हैं।
पटियाला में परनीत कौर, श्री आनंदपुर साहिब से अंबिका सोनी और फरीदकोट से गुलशन चुनाव हार गईं हैं। आम आदमी पार्टी ने भी दो महिलाओं को टिकट दिया था। इनमें जालंधर से ज्योति मान और होशियारपुर से यामिनी गोमर शामिल थीं, लेकिन दोनों ही हार गईं।
महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के मामले में पंजाब पिछली बार सबसे आगे रहा था। यहां से चार महिलाएं परनीत कौर, संतोष चौधरी, हरसिमरत कौर बादल व परमजीत कौर गुलशन जीत कर संसद पहुंची थीं।
इस बार मतदाताओं ने सिर्फ एक महिला उम्मीदवार को ही जिताया। पंजाब से पहली बार 1967 के चुनाव में दो महिलाओं राजमाता महिंदर कौर और निरलेप कौर ने संसद में दस्तक दी थी।