यूटी प्रशासक के दरबार में आने वाली सभी शिकायतें अब सीधे ऑनलाइन होंगी। यही नहीं शिकायत पर क्या कारवाई हुई है, इसका अपडेट भी समय-समय पर ऑनलाइन होगा। साथ ही शिकायतकर्ता को एसएमएस से कार्रवाई की जानकारी मिलेगी।
जन सुनवाई में प्रशासक के आदेशों के बाद संबंधित मामले से जुड़े अधिकारियों को निर्धारित समय में शिकायतों की स्टेटस रिपोर्ट देनी होगी। नेशनल इंफॉरमेशन सेंटर (एनआईसी) ने इसके लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार किया है। नए सिस्टम को लागू करने के लिए सॉफ्टवेयर का पहला ट्रायल सफल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस महीने यह सिस्टम को शुरू हो जाएगा।
एसएमस से मिलेगी जानकारी
जन सुनवाई की शिकायतों का ऑनलाइन सिस्टम लागू करने का प्रपोजल प्रशासक के पूर्व सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में तैयार किया गया था। उस समय एनआईसी अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर की प्रेजेंटेशन भी दी थी। जन सुनवाई सत्र के कंप्यूटरीकृत (ऑनलाइन) होने से प्रशासक भी शिकायतों का ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकेंगे।
जानकारी अनुसार, नए सिस्टम के तहत लोगों की शिकायतों को सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाए। जैसे ही शिकायत को संबंधित विभाग के अकाउंट में पंजीकृत किया जाएगा वैसे ही संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी को एमएमएस से अलर्ट मिल जाएगा। विभाग को इसके बाद शिकायत के स्टेटस को अपडेट करना होगा। शिकायतकर्ता को भी ई-मेल या एसएमएस से कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
शिकायतों की होती है अनदेखी
प्रशासक के जन सुनवाई दरबार में आईं शिकायतों के निपटारे के बारे में प्रशासक को अभी तक पूरी जानकारी नहीं मिल पाती थी। ऐसे में लोगों ने प्रशासक जन सुनवाई सत्र में काफी कम शिकायतें देने लगे थे। लोगों की ज्यादा से ज्यादा शिकायतों को कम समय में दूर किया जाए। इसके लिए यह सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इस सॉफ्टवेयर से शिकायतों की अनदेखी नहीं की जा सकेगी।