प्याज की लगातार बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने व्यापारियों को प्याज स्टॉक करने की सीमा निर्धारित कर दी है। शनिवार से लागू की गई नई स्टॉक सीमा 31 दिसंबर 2020 तक जारी रहेगी। इसके तहत थोक व्यापारी 250 क्विंटल और खुदरा व्यापारी 20 क्विंटल से ज्यादा प्याज स्टोर नहीं कर सकते हैं।
सितंबर महीने के दूसरे हफ्ते से प्याज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस पर खाद्य व आपूर्ति विभाग लगातार नजर रख रहा है। शनिवार को विभाग की एक टीम ने सेक्टर-26 स्थित सब्जी मंडी में जांच की और व्यापारियों को निर्देश दिए कि वह प्याज की खरीद और बिक्री को लेकर लिखित में पूरा विवरण रखें।
इसके अलावा उन्होंने व्यापारियों को प्रशासन द्वारा तय निर्धारित स्टॉक के तहत ही प्याज को जमा के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम में इंस्पेक्टर नीरज घई, खुशदेव सिंगला और तरुण नरूला शामिल थे, जिन्होंने सुबह के समय मंडी में जांच की। जांच के दौरान थोक विक्रेता, कमीशन एजेंट और अन्य व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टरों की जांच की गई।
व्यापारियों को रखना होगा एक-एक प्याज का हिसाब
प्रशासन के इस आदेश से प्याज की कीमतों पर लगाम लगने की संभावना है। कुछ दिनों पहले प्याज की कीमत 80 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। फिलहाल प्याज 40 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। प्रशासन ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्याज व्यापारियों को रजिस्टर में हर दिन के स्टॉक का ब्योरा रखना होगा। कितना प्याज था, कितना आया, कितना बेचा, कितना बचा आदि। बता दें कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई प्याज उत्पादक जिलों में भारी बारिश के चलते प्याज की फसल खराब हो गई है। इसी के चलते दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।