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किरण खेर को सांसद बने एक साल पूरा, पढ़ें रिपोर्ट कार्ड

Tue, 26 May 2015 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ की भाजपा सासंद किरण खेर के पांच साल के कार्यकाल को एक-एक साल के पांच समेस्टर मानकर चंडीगढ़ की जनता की राय से तैयार किया है पहले समेस्टर का यह रिपोर्ट कार्ड। अमर उजाला टीम की यह रिपोर्ट आपको किरण खेर और उनकी पार्टी के दावों की जमीनी हकीकत से रू-ब-रू करा रहा है।
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नॉन मेडिकल के विद्यार्थियों की तरह ही सांसद के लिए भी पॉलटिक्स के पीसीएम यानी पब्लिक रिलेशन, कम्युनिटी बेस्ड इश्यूज और मॉनिटरिंग ऑफ डेवलपमेंट में अच्छे नंबर लाना एक चुनौती है। नंबर कितने हैं वह आपको यानी शहर की जनता को ही तय करने हैं। यह रिपोर्ट आपके सामने हकीकत पेश कर रही है और नंबर आप खुद दीजिए।

‘आम लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश’
चंडीगढ़ के सांसद के रूप में भाजपा नेता और अभिनेत्री किरण खेर के कार्यकाल का एक साल पूरा हो रहा है। इस एक साल में चंडीगढ़ के लिए उन्होंने क्या-क्या किया है और क्या वह इससे संतुष्ट हैं, इन्ही मुद्दों पर अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता सुमित सिंह श्योराण ने उनसे बात की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के अंश...
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एक साल की आपकी उपलब्धियां?
किरण खेर -इस एक साल के कार्यकाल में मैंने चंडीगढ़ के आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश की है। सरकारी कामों को मूर्त रूप देने में कुछ समय लगता है। केंद्र और यूटी प्रशासन के बीच मेरे कार्यकाल में काफी बेहतर तालमेल बना है। संसद में चंडीगढ़ से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।

क्या-क्या चुनौतियां पेश आईं?
किरण खेर- यह एक साल काफी थका देने वाला रहा मगर जनता से जुड़े कामों को सिरे चढ़ाकर काफी सकून मिला।

शहर की सबसे बड़ी समस्या?
किरण खेर- शहर के लोगों के लिए हाउसिंग की एक बड़ी समस्या है। शहरवासियों के लिए बिल्ंिडग बॉयलॉज में संशोधन के लिए काफी प्रयास करने पड़े और उसके बाद कामयाबी भी मिली।

चंडीगढ़ के भविष्य के लिए क्या योजनाएं हैं?
किरण खेर- चंडीगढ़ के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट लाने की मेरी कोशिश जारी है। इन्हें जल्दी ही अमली जामा पहनाया जाएगा। केंद्र सरकार से हमें चंडीगढ़ के लिए हर मदद का आश्वासन मिला है?

क्या एक साल के अपने कार्यकाल से संतुष्ट हैं?
किरण खेर - एक साल के अपने इस कार्यकाल से मैं खुद को काफी संतुष्ट महसूस करती हूं। मेरी कोशिश है कि लोगों की दिक्कतों को प्रशासन और अधिकारियों से मिलकर जल्द से जल्द दूर किया जाए।

एक साल के कार्यकाल पर विपक्षी कांग्रेस के विचार

अगर भाजपा काम करती तो लोगों को दिखते: बंसल
अगर एक साल में कुछ काम किए होते तो वे लोगों को जरूर दिखते। मौजूदा सरकार के एक साल के कार्यकाल पर यह टिप्पणी है पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल की। प्रस्तुत हैं सोमवार को अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता राजेश ढल्ल से उनकी हुई बातचीत के अंश...

किरण खेर के कार्यकाल के इस एक साल में शहर को क्या मिला?
शहर के हाथ में कुछ नहीं आया। उल्टे बजट में 200 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई। इसका सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ा। कार्यकाल के पहले एक साल में चंडीगढ़ के किसी बेरोजगार को नौकरी नहीं मिली। एपीएल वालों को जो राशन मिलता था वह बंद कर दिया। जन-धन योजना से चंडीगढ़ के कितने लोगों को फायदा मिला इसका जवाब खुद भाजपा के पास नहीं है। भाजपा ने किया है वह सिर्फ इतना है कि पुरानी स्कीमों को नया नाम देकर उनकी लाचिंग की है।

सांसद को उनके काम के लिए आप 10 में से कितने नंबर देंगे?
मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। सांसद के काम और कार्यशैली पर नंबर देना मेरा काम नहीं है। मेरे अलावा हर कोई उनके कार्यकाल पर नंबर दे सकता है।

आपके कार्यकाल में इलाके के लिए जो काम पास हुए उनका हाल?
मैं कालका-चंडीगढ़ से कटड़ा जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहा हूं। यह ट्रेन पिछले साल मई में मंजूर करवाई थी लेकिन अभी तक यह नहीं चली। मौलीजागरां में पुनार्वास योजना के तहत हजारों फ्लैट का निर्माण हो चुका है मगर एक साल हो गया इनमें लोगों को शिफ्ट नहीं किया जा रहा।

साथियों ने दी शाबाशी, विपक्षियों का प्रहार, लोगों की राय

शहर को काफी मेहनती सांसद मिली हैं। महिलाओं और बुजुर्गों से जुड़े विषयों को उन्होंने संसद में जोरदार ढंग से उठाया। वैट कम करवाने से लेकर एमबीबीएस में सीटें बढ़वाने के काम में उन्होंने बखूबी अपनी भूमिका निभाई।
-संजय टंडन, अध्यक्ष, प्रदेश भाजपा

अफसरशाही पर लगाम लगी है। लोगों के काम होने लगे हैं। जो काम वर्षों से अटके थे अब पाइपलाइन में आ गए हैं। मुझे उम्मीद है कि सांसद किरण खेर अपना हर वादा पूरा करेंगी।
-हरमोहन धवन, पूर्व केंद्रीय मंत्री, भाजपा नेता

किरण खेर काम करने में विश्वास रखती हैं। एक साल में ऐसी समस्याओं को दूर करने का प्रयास हुआ, जिनके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता था। हाउसिंग बोर्ड के मकानों को आ रहे वायलेशन के नोटिस बंद हुए हैं।
-अरुण सूद, नेता, भाजपा पार्षद दल

विपक्ष का प्रहार
लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी आस्था का अंदाजा इसीसे लगाया जा सकता है कि वह नगर निगम की बैठक में शामिल होने साल में सिर्फ दो बार आई हैं। पहली बार जब शपथ लेनी थी और दूसरी बार मेयर चुनाव में वोट डालने। -सुभाष चावला, पूर्व मेयर, कांग्रेस पार्षद
सांसद पूरा साल लोगों के बीच कम और टीवी पर ज्यादा दिखाई दीं। लोगों को उनसे उम्मीद थी कि वह उनकी समस्याओं के सामाधान के लिए उनके साथ खड़ी होंगी मगर ऐसा नहीं हुआ।
- एचएस लक्की, प्रधान, जिला कांग्रेस

सारे दावे हवा-हवाई हैं। जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं किया गया। सांसद के पास तो शहर के लोगों से मिलने का समय नहीं है काम कब करवाएंगी। लोगों को तो यह भी जानकारी नहीं है कि सांसद से कहां जाकर मिलें।
- प्रदीप छाबड़ा, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

लोगों की राय
सांसद के पास शहरवासियों के लिए समय नहीं है। ज्यादातर लोग उन्हें सिर्फ टीवी पर ही देख पाते हैं। फासवेक ने सांसद से मिलने का समय मांगा था मगर अभी तक नहीं मिला। उद्घाटन समारोह में दिख जाती हैं, वैसे पब्लिक से दूरी बना रखी है।
-बलजिंदर सिंह बिट्टू, अध्यक्ष, फासवेक

शहर को सांसद से काफी उम्मीद है। हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वालों की समस्याएं वह दूर करवाएंगी। जल्द ही उनके प्रयासों के परिणाम आने लगेंगे। वह शहर की भलाई के लिए प्रयास करेंगी।
-रजत मल्होत्रा, प्रवक्ता, हाउसिंग बोर्ड रेजिडेंट्स फेडरेशन

कई ऐसे काम हैं जो पेंडिंग पड़े हैं और सांसद को उनकी जानकारी भी है। एक साल में कई काम होने शुरू हुए हैं। हम जब भी व्यापारियों की समस्याएं लेकर सांसद से मिलते हैं तो काफी अच्छा रिस्पांस मिलता है।
-चरणजीव सिंह, अध्यक्ष, व्यापार मंडल
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सांसद रहते हुए जनता से जुड़ाव के दावे और हकीकत

जनता दरबार लगाया
दावाः सांसद और भाजपा अध्यक्ष का दावा है कि पहलेसाल के कार्यकाल में समय-समय पर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्यां को दूर किया गया। लोकसभा में 95 फीसदी उपस्थिति दर्ज की। एमपी लैड फंड से विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए 4.66 करोड़ से अधिक की राशि मंजूर की।
हकीकतः पब्लिक का कहना है कि जनता दरबार की न तो कोई तारीख तय है और न ही कभी लोगों को पहले इसकी जानकारी दी जाती है कि यह कब लगेगा। ऐसे में जनता दरबार में सिर्फ करीबी लोग ही पहुंच पाते हैं। आम लोगों को कोई फायदा नहीं।

वैट में कटौती
दावाः भाजपा ने सत्ता में आते ही वैट में कटौती कर डीजल के रेट पंजाब और हरियाणा से सस्ते कर दिए। चावल, दालों, कंबल और टिबंर में वैट कटौती की व्यापारियों और शहरवासियों को राहत मिली।
हकीकतः चावल, दालों, कंबल और टिबंर पर वैट कम होने से राहत मिली है। लंबे समय से व्यापारी इसकी मांग कर रहे थे। मगर डीजल पर प्रशासन वैट बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि पंजाब ने हाल ही में वैट बढ़ाया है।

हाउसिंग बोर्ड निवासियों को राहत
दावाः हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले लोगों की दिक्कत दूर करने की पहल करते हुए जरूरत के अनुसार बदलाव करने, लंबे समय से रुकी मकानों की ट्रांसफर और वायलेशन के नोटिसों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
हकीकतः फिलहाल कोई नया नोटिस नहीं आया है। हाउसिंग बोर्ड जरूरत के अनुसार बदलाव करने के संबंध में अभी नीति ही तैयार कर रहा है। लोग हर तरह के वायलेशन को रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं। स्थिति यह है कि हाउसिंग बोर्ड सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण को किसी भी सूरत में रेगुलर नहीं करेगा।

कर्मचारियों को अपने मकान
दावा है कि साल 2008 से लंबित पड़ी यूटी कर्मचारियों की हाउसिंग स्कीम को लागू करवाने की पहल कर चार हजार कर्मचारियों का सपना साकार करने की ओर कदम बढ़ाया।

हकीकतः प्रशासन इस स्कीम को लांच करने के लिए अभी अपनी सैद्धांतिक सहमति ही दी है। इसे अमली जामा पहनाना अभी बाकी है। उस पर भी यह मामला पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है।

गोद के गांव को आदर्श बनाया
दावाः प्रधानमंत्री की आदर्श ग्राम योजना के तहत गांव सारंगपुर को सांसद ने गोद लिया। गांव के विकास के लिए सांसद कोष से सारंगपुर के संपूर्ण विकास की योजना बनवा कर एक साल के भीतर गांव के विकास के काम की शुरूआत की
हकीकतः इस गांव के विकास के कामों पर उद्घाटन पिछले माह ही हुआ है। लोगों को अभी यह काम पूरी तरह से अगले दिनों में ही दिखेंगे सारंगपुर में धर्मशाला, कम्यूनिटी सेंटर और स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण शुरू कराया गया है।

व्यापारी और उद्यमियों के मुद्दे
दावाः कोई नहीं
हकीकतः बिल्डिंग वायलेशन के तहत व्यापारियों को 500 रुपये वर्ग फुट के हिसाब से जुर्माने के नोटिस आ रहे हैं। व्यापारी लंबे समय से राहत की मांग कर रहे हैं मगर कोई सुनवाई नहीं। उद्योगपति अपनी प्लाटों को लीज से फ्री होल्ड करने की मांग कर रहे हैं, मगर कुछ नहीं किया गया।

अफसरशाही से राहत मिली
दावाः भाजपा का दावा है कि कुशासन से और अफसरशाही से शहरवासियों को राहत मिली है। प्रशासन के अफसर जनता की बात सुनने के लिए पैदल दौरे कर रहे हैं।
हकीकतः जो परिवर्तन है दिख रहा है, वह प्रशासक के सलाहकार की कार्यशैली से है। यह उनके व्यक्तिगत प्रयास हैं। उनसे लोगों को काफी उम्मीदें भी बंधीं हैं।

40 एमजीडी पानी और मिला
दावाः दावा है कि केंद्र, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में भाजपा का शासन आते ही पुराने विवाद को समाप्त करते हुए कजौली वाटर वर्कस के दो नए फेज 5 और 6 से चंडीगढ़ को 40 एमजीडी पानी मिलने का रास्ता साफ हुआ।
हकीकतः पानी मिलने में अभी कम से कम दो साल और लगेंगे। वह भी तब जब इसके लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए 200 करोड़ रुपये समय पर मिल जाएंगे। अभी सिर्फ बातचीत के स्तर पर रुकावट दूर हुई है।

स्वच्छ भारत अभियान
दावाः स्कीम के तहत नगर निगम, शहरवासियों के सहयोग से भाजपा द्वारा प्रत्येक सेक्टर, गांव और कालोनियों में स्वच्छता अभियान और जागरूकता अभियान चलाया।

हकीकतः सेक्टरों के रिहायशी इलाके साफ सुथरे हैं। लेकिन कालोनियों और गांवों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। धनास की मिल्क कालोनी की सफाई पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट ने प्रशासन को फटकार लगवाकर करवाई।

रोजगार
दावाः कोई नहीं
हकीकतः पहले साल में कोई वैकेंसी नहीं। बेरोजगार युवा नौकरी की मांग कर रहे हैं। आयु सीमा 25 से बढ़ाकर 30 करने की मांग पर भी विचार नहीं किया गया।
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