7 नेशनल प्लेयरों ने ऐसा काम कर दिया कि उनके मां-बाप का सिर शर्म से झुक जाएगा। करियर भी दांव पर लगाया और बेइज्जती भी झेली। मामला हरियाणा के सोनीपत का है। जयपुर में पिछले माह हुई जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में खेलने के लिए सात ओवरएज पहलवानों ने अपनी उम्र कम करने के लिए कागजों में फर्जीवाड़ा किया।
इनमें से एक पहलवान ने चैंपियनशिप में मेडल भी जीता है। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर भारतीय कुश्ती संघ ने एक महिला पहलवान समेत सातों पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है और जीतने वाले से मेडल वापस ले लिया है। इनमें से चार पहलवान हरियाणा के हैं। जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप 22-25 फरवरी तक जयपुर में हुई थी।
चैंपियनशिप में 17-20 साल तक उम्र के पहलवान भाग ले सकते हैं। चैंपियनशिप में 20 साल की बजाय 26-27 साल के पहलवान कागजों में फर्जीवाड़ा कर खेलने उतरे। जांच हुई तो एक महिला और छह पहलवान ऐसे मिले, जिन्होंने उम्र कम करने के लिए कागजों में फर्जीवाड़ा किया और साथ ही बिना कुश्ती संघ से एनओसी लिए दूसरे राज्य से खेलना शुरू कर दिया।
इनमें से एक पहलवान की उम्र तो ठीक थी, लेकिन वह बिना एनओसी दूसरे प्रदेश से खेल रहा था। इन सभी सात पहलवानों पर भारतीय कुश्ती संघ ने फरवरी 18 से एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
इन पहलवानों पर लगा प्रतिबंध
कुश्ती प्रतीक फोटो
- रोहतक, हरियाणा का मंजीत (ग्रीको रोमन, 130 किलो), उम्र 25 साल : पहले कर्नाटक-हरियाणा से खेल चुका है। इस बार चंडीगढ़ से खेलकर कांस्य जीता। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर मेडल वापस लिया।
- भिवानी, हरियाणा की मीनू (50 किलो) उम्र 22 साल : हरियाणा से खेलती थी, इस बार दिल्ली की ओर से खेली।
- हरियाणा का सुमित मलिक (फ्री स्टाइल, 61 किलो), उम्र 21 साल 10 माह : पहले हरियाणा-छत्तीसगढ़-दिल्ली से खेला, अब चंडीगढ़ से खेल रहा था।
- हरियाणा का वीरेंद्र (ग्रीको रोमन, 71 किलो), उम्र 27 साल : हरियाणा से खेल रहा था।
- महाराष्ट्र का संतोष यादव (ग्रीको रोमन, 55 किलो), उम्र 25 साल : पहले महाराष्ट्र-गुजरात से खेलता था, इस बार यूपी से खेला।
- दिल्ली का दीपक (फ्री स्टाइल, 70 किलो), उम्र 20 साल 4 महीना : दिल्ली से खेल रहा था।
- यूपी का सुमित (ग्रीको रोमन, 97 किलो), उम्र 19 साल : दिल्ली से खेल रहा था।
जूनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में उम्र कम करने को कागजों में फर्जीवाड़े पकड़े गए हैं। कुछ पहलवान बिना एनओसी दूसरे प्रदेश से खेले। इनमें से एक मेडल भी जीत चुका था। इन सभी पर एक साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
- विनोद तोमर, जनरल सेक्रेटरी रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया