आर्मी चीफ दलबीर सिंह ने भारतीय सेना के करोड़ो जवानों की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी होने की खुशखबरी सुनाई। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल 2014 से वन रैंक-वन पेंशन का लाभ लागू होने के साथ ही एरियर सहित मिलेगा।
उन्होंने साफ किया कि वन रैंक-वन पेंशन का स्वरूप वैसा ही होगा, जैसा वे चाहते हैं। शनिवार को आर्मी चीफ दलबीर सिंह ने हरियाणा के झज्जर की पुलिस लाइन में वीर सेनानी रैली में पूर्व सैनिकों, वीर नारी, युद्ध वीरांगनाओं को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने मंच से इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रक्षामंत्री का तमाम पूर्व सैनिकों की ओर से शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश के लिए बहुत कुछ किया है। सम्मान और सुविधाएं पाना उनका हक है। उनके इस हक को कहीं भी कम नहीं होने दिया जाएगा। इंडिया गेट दिल्ली के साथ वार मेमोरियल व म्यूजियम स्थापित होगा। साथ ही दिल्ली में करीब 6 एकड़ जमीन पर नए थल सेना भवन का निर्माण होगा।
उन्होंने देश के पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया कि एक अप्रैल 2014 से वन रैंक-वन पेंशन का लाभ लागू होने के साथ ही एरियर सहित मिलेगा। उन्होंने साफ किया कि वन रैंक-वन पेंशन का स्वरूप वैसा ही होगा, जैसा वे चाहते हैं। उन्होंने मंच से इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रक्षामंत्री का तमाम पूर्व सैनिकों की ओर से शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने कहा कि 7वें वेतन आयोग के संदर्भ में भी वे सेना की ओर से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जनरल दलबीर सिंह ने सैन्य ऑपरेशन में डिसेबल हुए सैनिकों को ट्राई स्कूटर वितरित किए तथा वीर नारियों एवं वीरांगनाओं को विभिन्न योजना के अंतर्गत अनुदान राशि एवं सहायता प्रदान की। जनरल सिंह पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से बिना किसी दूरी के मिले और उनका हाल-चाल जाना।
पूर्व सैनिकों के लिए लागू होगी ये सुविधाएं
अपनी पत्नी नमिता के साथ झज्जर पहुंचे जनरल दलबीर सिंह ने पूर्व सैनिकों के बीच भरोसा दिलाया कि हम सैनिक कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं और इसी कड़ी में भारतीय सेना की ओर से सेवारत एवं पूर्व सैनिकों के हित में कई कदम उठाए गए हैं।
आगामी कुछ महीनों में सेना की ओर से इस तरह की व्यवस्था की जा रही हैं कि सैनिक के सेवानिवृत्त होने से पहले ही उन्हें एक बायोमैट्रिक कार्ड दिया जाएगा। इसमें रिटायरमेंट, ईसीएच, कैंटीन व वेटर्न कार्ड सरीखी सुविधाएं एक ही कार्ड में उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि देश में सीएसडी कैंटीन की संख्या बढ़ाने के साथ सेना मोबाइल सीएसडी कैंटीन की अवधारणा को व्यापक रूप से लागू करने जा रही है।
साथ ही मोबाइल डिस्पेंसरी के लिए भी पहल की गई है। सेना प्रमुख ने डिसेबल सैनिकों की पेंशन के लिए उनकी डिसेबिलिटी के मापदंडो में परिवर्तन किया है ताकि अधिकतम डिसेबल सोल्जर को पेंशन का फायदा मिले। उन्होंने कौशल विकास पर जोर देते हुए कहा कि जवानों को सेवानिवृत्त उपरांत उनके कौशल के अनुरूप ही रोजगार के अवसर की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिए उन्हें रुचि अनुसार कोर्स कराए जाने का प्रावधान सेना की ओर से किया जाएगा।
उनका प्रयास है कि सेना के तकनीकी तथा मेडिकल कॉलेज संस्थानों की संख्या को और अधिक बढ़ाया जाए। सेना प्रमुख ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि एक अप्रैल 2015 तक रीजनल सेंटर पर ऑटोमेशन बिलिंग की शुरुआत की जाए। उन्होंने देशभर के सेना के अस्पतालों में वेटर्न हास्पिटल को बनाए जाने की बात कही और कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर बेस हास्पिटल दिल्ली में वेटर्न विंग शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि करीब 3 सप्ताह पूर्व ही वे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले थे और पूर्व सैनिकों की समस्याओं के संबंध में उनके साथ बातचीत की थी। वीर सेनानी रैली में पूर्व उप सेना प्रमुख राज कादियान द्वारा रखी मांगों पर सेनाध्यक्ष ने कहा कि झज्जर जिला मुख्यालय पर सैनिक भर्ती कार्यालय और मातनहेल में सैनिक स्कूल खोलने के लिए प्रयास करेंगे। पूर्व सैनिकों के लिए टोल टैक्स माफी के मुद्दे को भी केंद्र सरकार से हल करवाने का उन्होंने भरोसा दिलाया।