पंजाब को एम्स के साथ एक मेडिकल कालेज की सौगात मिल गई है। मोहाली के जिला अस्पताल को अपग्रेड कर मेडिकल कालेज बनाने की मंजूरी दे दी गई है।
लोकसभा सत्र के दौरान एक प्रश्न के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि देश में 58 जिला और रेफरल हास्पिटल को मेडिकल कालेज में तब्दील करने का फैसला लिया गया है।
मेडिकल कालेज बनाने में खर्च राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र का होगा जबकि 25 प्रतिशत राज्य सरकार का। हास्पिटल को मेडिकल कालेज बनाने का प्रस्ताव पंजाब के मेडिकल रिसर्च एंड एजुकेशन डिपार्टमेंट ने भेजा था।
अब तक तीन सरकारी मेडिकल कालेज
पूरे पंजाब में अभी सिर्फ तीन मेडिकल कालेज हैं। पहला अमृतसर में, दूसरा पटियाला में और तीसरा फरीदकोट में स्थित है। पटियाला और अमृतसर के कालेज में 150-150 सीटे हैं जबकि फरीदकोट में 100 सीटे हैं।
41 साल बाद
पंजाब में 41 साल पहले मेडिकल कालेज खोला गया था। उसके बाद से इस दिशा की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा पंजाब में सात प्राइवेट मेडिकल कालेज संचालित हो रहे हैं।
ट्राइसिटी में दूसरा मेडिकल कालेज होगा
मोहाली में मेडिकल कालेज बनने से ट्राइसिटी का यह दूसरा संस्थान बन जाएगा। ट्राइसिटी में चंडीगढ़ के सेक्टर-32 में गवर्नमेंट मेडिकल कालेज है। यहां पर एमबीबीएस की 100 सीटे हैं। हालांकि बीते दिन एमसीआई ने 50 सीटे खारिज कर दी थी, लेकिन अब फिर से बहाल कर दी गई हैं।
यह होगा फायदा :
- हास्पिटल में बेड की संख्या बढ़ेगी
- इलाज की कई अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
- रिसर्च वर्क होगा
- डाक्टर बनने का सपना देख रहे ट्राइसिटी के स्टूडेंट को भी मिलेगा फायदा
इसलिए पड़ी जरूरत
पीजीआई में सबसे ज्यादा पंजाब के मरीजों का बोझ है। साल 2013-14 के फाइनेंशियल इयर में पंजाब के करीब दो लाख नए मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा करीब पांच लाख मरीजों का फालोअप पीजीआई में चल रहा है।
पंजाब के तीनों सरकारी मेडिकल कालेजों में हार्ट सर्जरी की सुविधा तक नहीं है। हाल ही में पीजीआई के डाक्टरों ने अमृतसर के कालेज में कार्डियोलाजिस्ट को ट्रेनिंग देने का प्रोग्राम शुरू किया है।
कैंसर के इलाज के लिए पंजाब के मरीजों के पीजीआई या फिर राजस्थान की ओर रुख करना पड़ता है। न्यूरो सहित अन्य स्पेशलिएटी के लिए पंजाब के मरीजों को पीजीआई की ओर रुख करना पड़ता है। दूसरी तरफ मोहाली में लगातार आबादी बढ़ती जा रही है।