हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह की मौत के बाद भी जांचों का सिलसिला जारी है। मामले में दो अधिकारियों के चार्जशीट किए जाने के बावजूद अभी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की जांच होनी बाकी है। प्रदेश सरकार इस मामले में आईएएस प्रदीप कासनी से पहले ही जांच करवा चुकी है।
उसके बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर केअधिकारी आरपी चंद्रा ने इस विषय पर जांच की। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने कार्रवाई तो कर दी, लेकिन अब इस मामले में एक और जांच होगी।
यह जांच स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रामनिवास करेंगे। 12 मई को रामनिवास रोहतक पीजीआई पहुंचेगे। जांच में शामिल होने के लिए पीजीआई के अधिकारियों को पत्र की प्रति भेज दी गई है।
पत्र में जांच का विषय पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह के इलाज में लापरवाही लिखा गया है। इस मामले में मंगलवार को शिकायतकर्ता सहित सभी संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
मालूम हो कि इस मामले में पीजीआई रोहतक के दो अधिकारियों को सरकार पहले ही चार्जशीट कर चुकी है। यह चार्जशीट अतिरिक्त मुख्य सचिव आरपी चंद्रा द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर किया गया है।
हमें इस मामले में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट का रोल देखना है। यह जांच सिर्फ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के रोल की जांच के लिए है, बाकी कुछ नहीं।
-रामनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य
इस मामले में तो कार्रवाई हो चुकी है। मेरी जानकारी में अब किसी जांच का मामला नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो मेरे संज्ञान में लाया जाना चाहिए था।
-अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा