राज्य में पेंटावेलेंट टीकाकरण लागू होने से बच्चों को भयानक बीमारियों से राहत मिलेगी। टीका लगाने की शुरुआत बुधवार को राजपुरा में होने वाले राज्यस्तरीय समागम में होगी।
यह जानकारी मंगलवार को फेज-6 स्थित पंजाब हेल्थ सिस्टम में आयोजित समागम में सेहतमंत्री सुरजीत सिंह ज्याणी ने दी। इस मौके उन्होंने पैंटावेलेंट टीके संबंधी तैयार की गई किताब का विमोचन भी किया।
सेहत मंत्री ने बताया कि पेंटावेलेंट टीका पांच भयानक रोगों से बच्चों को बचाएगा। यह गल घोटू, काली खांसी, टेटनस, हैपेटाइट्स-बी व रिब जैसी घातक बीमारियों को कंट्रोल करता है। उन्होंने बताया कि पहले बच्चों को छह टीके लगाए जाते थे। पर अब केवल तीन पेंटावेलेंट टीके ही लगेंगे।
केंद्र सरकार से सेहत विभाग को सात लाख टीके प्राप्त हो चुके हैं। भविष्य में भी वेक्सीन की कमी नहीं आने दी जाएगी। जरूरत के मुताबिक सरकार से और दवाई भी मंगवाई जाएगी। उन्होंने साफ किया कि पेंटावेलेंट वेक्सीन राज्य के हरेक अस्पताल व सेहत संस्था में उपलब्ध रहेगी।
वहीं, बच्चों को पेंटावेलेंट टीकाकरण बिल्कुल मुफ्त दिया जाएगा। लोगों को वैक्सीन के टीकाकरण के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। टीकाकरण मुहिम के लिए जागरूक करने के लिए विशेष प्रोग्राम करवाए जा रहे हैं। उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि नशा मुक्ति के लिए सरकार पूरी तरह प्रयत्नशील है। राज्य में 28 नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं।
प्रत्येक जिले में बनेंगे नशा मुक्ति केंद्र
सेहत मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में सरकार 50-50 बिस्तरों का नशा मुक्ति केंद्र व पुनर्वास केंद्र बना रही है। जहां पर लोगों को नशा मुक्ति से राहत दिलाई जाएगी। इस मौके पर डॉयरेक्टर परिवार भलाई डॉ. जतिंदर कौर, डायेरक्टर सेहत सेवाएं विभाग पंजाब डॉ. करनजीत सिंह, प्रोग्राम अफसर डॉ. जीबी सिह ने भी जानकारी दी।