मशहूर सिंगर गुरदास मान गुरुघर में नतमस्तक हुए। पंगत में बैठकर लंगर करने के बाद बर्तन भी मांजे। साथ ही कनाडा में दिए बयान पर अपनी बात भी रखी। एक राष्ट्र एक भाषा की हिमायत कर विवादों में घिरे गुरदास मान का कहना है कि रब सबको राजी रखे, सबकी रूह ताजी रखे। वह बुधवार रात को जालंधर के होटल रेडिसन में रुके थे।
नकोदर में डेरा बाबा मुराद शाह रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत की। मान ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि मेरी निजी राय को लोग इतना पकड़कर क्यों बैठ गए हैं। यह छोटी छोटी बातों में कुछ नहीं रखा। रब सबको बुद्धि बख्शे, प्यार बख्शे, सद्भावना बख्शे। क्या शरारती लोग उनका विरोध कर रहे हैं, इस पर मान ने कहा कि शरारती तो सब जगह ही हैं।
गुरदास मान वीरवार को नकोदर में रहे, जहां स्थित डेरा बाबा मुराद शाह के मुख्य सेवादार हैं। लाखों श्रद्धालु वीरवार को साई लाडी शाह जी का जन्मदिन मनाने पहुंचे। मान बुधवार को ही कनाडा से लौटे हैं, जहां पर एक भाषा एक राष्ट्र को लेकर उनका खासा विरोध हुआ।