डेढ़ महीने से ज्यादा का समय बीतने के बावजूद अब तक प्रशासन यूटी कर्मचारियों को मकान देने के लिए सभी वर्गों के फ्लैट्स की कीमतों को नए सिरे से तय नहीं कर पाया है। 19 अगस्त को केंद्रीय गृह सचिव के साथ प्रशासन के अधिकारियों की हुई बैठक में यूटी ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा था। देरी पर इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी के सदस्य काफी नाराज हैं और उन्होंने प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा से शिकायत की है।
यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसायटी के महासचिव डॉ. धर्मेंद्र ने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के तहत केंद्रीय गृह सचिव, चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के साथ याचिकाकर्ताओं की 19 अगस्त को बैठक हुई थी।
इसमें यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों के सामने प्रशासन की तरफ से 11 मंजिला, 5 मंजिला फ्लैट्स या फिर केवल स्ट्रक्चर बनाकर देने जैसे तीन विकल्प रखे गए। इस पर केंद्रीय गृह सचिव ने सीएचबी के अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि वह सभी विकल्पों में जल्द से जल्द फ्लैटों की कीमत इंप्लाइज को बताए जाएं ताकि ये लोग आपस में विचार-विमर्श करके कुछ निर्णय ले सकें।
प्रशासन ने इसके लिए 10 दिन का समय मांगा। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि अब डेढ़ महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है लेकिन अब तक सीएचबी मकान की कीमत को तय नहीं कर पाया है। इसलिए उन्होंने अब प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखकर जल्द कीमतें तय कराने की मांग की है। पत्र की एक कॉपी भारत सरकार के उप सचिव अरुण कुमार सिंह को भी भेजा है।
प्रशासन के संदेहों को दूर करने के लिए सीएचबी ने की बैठक
यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम के फ्लैट्स के दाम कम हो सकें, इसके लिए सीएचबी नए डिजाइन पर काम कर रहा है। इसे लेकर बोर्ड ने बुधवार को अर्बन प्लानिंग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बोर्ड ने योजना को लेकर विभाग के सवालों के जवाब दिए।
इसके अलावा अर्बन प्लानिंग विभाग ने फ्लैट्स के साइज व अन्य जानकारियां मांगी हैं। इसे लेकर बोर्ड की तरफ से तीन दिन में रिपोर्ट जमा की जाएगी। बोर्ड सात स्टोरी और 10 स्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। 10 स्टोरी प्रोजेक्ट में स्कीम के लिए जमीन की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे फ्लैट्स के दाम भी कम हो जाएंगे।
ये हो सकती हैं नई कीमतें
सूत्रों के अनुसार, 11 मंजिला मकानों की गणना में ए कैटेगरी के एक फ्लैट की कीमत जो 1.76 करोड़ रुपये थी, वह अब लगभग 1.60 करोड़, बी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 1.35 करोड़ बताई गई थी वह अब लगभग 1.24 करोड़, सी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 99 लाख रुपये बताई गई थी वह अब लगभग 75 लाख हो सकती है।
डी कैटेगरी के फ्लैट की कीमत जो 58 लाख रुपये बताई गई थी वो अब 40 लाख के करीब बन रही है। सीएचबी के अधिकारी अभी पांच मंजिला फ्लैटों की कीमत तय नहीं कर पाए हैं। यूटी इंप्लाइज के प्रतिनिधियों ने बताया कि हाईकोर्ट में एक सितंबर को इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन उसे दो दिसंबर के लिए स्थगित कर दी गई है। यही कारण है कि हाउसिंग बोर्ड भी काम में देरी कर रहा है।