लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने के बाद इनेलो ने विधानसभा चुनाव के लिए खुद को फिर से खड़ा करने की कवायद शुरू कर दी है। पैरोल पर बाहर आने के बाद इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी में नए सिरे से जान फूंकने का जिम्मा खुद संभाला है। बुधवार को उन्होंने दिल्ली में पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक ली। इसमें लोकसभा चुनाव की हार पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व सीपीएस रामपाल माजरा समेत कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
सबने हार को लेकर अपने-अपने विचार रखे। बैठक में लोकसभा चुनाव लड़े प्रत्याशी भी पहुंचे थे। उनसे भी हार के कारण जाने गए। सबने मोदी लहर को ही हार का बड़ा कारण ठहराया। साथ ही विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटने का सुझाव दिया। ओपी चौटाला ने भी कहा कि लोगों ने भाजपा को नहीं मोदी के नाम पर वोट दिया है। बैठक में यह निर्णय हुआ कि इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने के लिए जिलास्तरीय बैठकें करेंगे। कार्यक्रमों की शुरुआत 31 मई को सिरसा-फतेहाबाद से होगी।
पहली जून को हिसार में राज्य कार्यकारिणी की बैठक की जाएगी, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, सांसद-पूर्व सांसद, विधायक-पूर्व विधायक, प्रकोष्ठों के प्रदेश संयोजक, जिला प्रधान, हलका प्रधान, शहरी प्रधान और प्रकोष्ठों के जिला संयोजक सहित पार्टी के सभी कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे। इनेलो सुप्रीमो 2 जून को भिवानी-दादरी-झज्जर, 3 जून को फरीदाबाद-पलवल-नूंह (इफ्तार पार्टी), 4 जून को महेंद्रगढ़- रेवाड़ी-गुरुग्राम, 5 जून को सोनीपत-पानीपत-रोहतक, 6 जून को जींद-कैथल-अंबाला और 8 जून को यमुनानगर-कुरुक्षेत्र-करनाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की मीटिंग होंगी। इनमें आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।