पहले दुष्यंत-दिग्विजय का विद्रोह करते हुए अलग पार्टी बनाना, फिर जींद उपचुनाव में इनेलो की जमानत जब्त होना और चुनाव से ऐन पहले बसपा का गठबंधन तोड़ना, इन राजनीतिक झटकों का असर फतेहाबाद पहुंचे इनेलो सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के चेहरे पर साफ तौर पर दिखा। अब तक चटकारेदार भाषण देने के लिए प्रसिद्ध पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला गुरुवार शाम जाट धर्मशाला में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में रूटीन की बातों से ही कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने का प्रयास करते दिखे।
जींद उपचुनाव में पार्टी की जमानत जब्त होने के बाद पहली बार फतेहाबाद पहुंचे चौटाला को देखने-सुनने के लिए भारी भीड़ तो उमड़ी, लेकिन चौटाला के ठंडे तेवरों ने इनेलो कार्यकर्ताओं को भी आश्चर्य में डाल दिया। माना जा रहा था कि बसपा गठबंधन टूटने के बाद हताश इनेलो कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए इनेलो सुप्रीमो दुष्यंत-दिग्विजय के खिलाफ कोई तीखी टिप्पणी करेंगे, लेकिन उन्होंने अपने 19 मिनट के भाषण के दौरान एक बार भी दुष्यंत-दिग्विजय का नाम तक नहीं लिया।