पंजाब में बजुर्गों को 250 रुपये बुढ़ापा पेंशन पिछले दो साल से नहीं मिली है। पेंशन जारी करने की मांग करती याचिका पर हाईकोर्ट केजस्टिस हेमंत गुप्ता एवं जस्टिस अजय तिवारी की डिवीजन बेंच ने पंजाब और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में पेंशन बढ़ाने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग भी की गई है।
मोहाली के पूर्व काउंसलर कुलजीत सिंह बेदी ने अपने वकील रंजीवन सिंह के माध्यम से दायर याचिका में कहा है कि सभी प्रदेशों को केंद्र सरकार बुढ़ापा, विधवा एवं विकलांगता पेंशन की राशि जारी करती है।
इसके वितरण का काम राज्य सरकारों का होता है। वित्तीय वर्ष 2013 के लिए 64 करोड़ 32 लाख रुपये दो किस्तों 53 करोड़ एवं 11 करोड़ 32 लाख रुपये जारी किए गए थे, लेकिन पंजाब सरकार ने केवल 30 प्रतिशत पेंशन ही बांटी और एक अखबार में प्रकाशित समाचार में सरकार ने कहा कि वित्तीय संकट की वजह से पेंशन नहीं दी जा सकी।
याचिका में कहा है कि राज्य सरकार की ओर से पूरी पेंशन न दिए जाने के कारण केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 की पेंशन की राशि रोक ली, क्योंकि अगली राशि लेने के लिए राज्य सरकारों को पहले जारी राशि का उपयोगिता सर्टिफिकेट केंद्र सरकार को देना होता है, लेकिन पंजाब सरकार ने यह सर्टिफिकेट नहीं दिया।
इसके अलावा यह मांग भी की गई है कि केंद्र सरकार यह राशि वर्ष 1997 के मुताबिक जारी कर रही है, लेकिन यह राशि ताजा कंज्यूमर इंडेक्स के मुताबिक दोबारा निर्धारित की जानी चाहिए।