कोर्ट परिसर से लेकर सेक्टर-एक की सुरक्षा का खाका तैयार कर लिया गया है। राज्य में सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करना पुलिस विभाग की जिम्मेदारी है। क्योंकि 2017 में सीबीआई कोर्ट की ओर से राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद अनुयायी भड़क उठे थे, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी। इसलिए उसे पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश करना अनुचित होगा और रोहतक में पेश किया जा सकता है।
कोर्ट के आदेश में पंचकूला का नाम नहीं
वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि सीबीआई कोर्ट की ओर से जारी आदेश में पंचकूला के नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए राम रहीम को रोहतक में ही पेश किया जा सकता है, जहां वह पहले से ही 20 साल की सजा काट रहा है। पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी डीजीपी बीएस संधू, डीजी जेल केवल राज और एडीजी ऑपरेशन एएस चावला राम रहीम को अदालत में पेश करने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं।
सुनारिया जेल में लग सकती है कोर्ट
राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद पंचकूला में जो हिंसक घटना हुई थी उसके मद्देनजर दोषी को सजा सुनाने के लिए सुनारिया जेल में सीबीआई की कोर्ट लगी थी। सूत्रों ने कहा कि पुलिस का मेन फोकस राज्य में शांति बरकरार रखना है। रोहतक के सुनारिया जेल अधीक्षक को राम रहीम की उपस्थिति सुनिश्चित करने के आदेश सीबीआई कोर्ट ने दिए हैं। यह मामला सरकार और पुलिस विभाग के लिए भी चिंता का विषय है।