पब्लिक डीलिंग को आसान करने के लिए चंडीगढ़ डीसी के ऑफिस में ऑफिसर लिंक योजना शुरू की गई है। इस योजना के शुरू होने के साथ ही ऑफिस में अब फाइलों की मूवमेंट भी बढ़ जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना का सीधा लाभ शहर के लोगों को होगा। डीसी ऑफिस के तहत 70 हजार संपत्तियों की फाइलों का मूवमेंट होता है। यहां आए दिन वॉयलेशन और मिसयूज के मामले आते रहते हैं। इसके साथ ही प्रशासन की बेशकीमती संपत्तियों का ई ऑक्शन भी किया जाता है।
ऐसे में शहर के अधिकांश लोग अपने कामों के समाधान के लिए यहां पहुंचते हैं। इस दौरान किसी अधिकारी के छुट्टी पर चले जाने के कारण उनके कामों के समाधान में दिक्कतें आती थीं। लोगों की इन परेशानी को देखते हुए डीसी ऑफिस में ऑफिसर लिंक योजना की नई व्यवस्था कर दी गई है। इस व्यवस्था के तहत किसी भी अधिकारी के छुट्टी पर जाने के बाद उसके स्थान पर किसी दूसरे अधिकारी को लिंक कर दिया जाएगा। इससे लोगों के कामों को निपटाने में मदद मिलेगी। साथ ही फाइलों की मूवमेंट भी बढ़ जाएगी।
20 लिंक ब्रांचें करती हैं काम
डीसी ऑफिस अंतर्गत एस्टेट ऑफिस के साथ ही 20 लिंक ब्रांचें आती हैं। इनमें एसडीओ, सीआईए 1, 2 और 3 के साथ ही स्टेबलिसमेंट ब्रांच, इन्फोर्समेंट ब्रांच, लोन रिकवरी, रेड़ी ब्रांच, मिसयूज और वायलेशन ब्रांच, बीटूए आदि ब्रांचे शामिल हैं।
किसी अफसर के छुट्टी पर चले जाने के बाद फाइलों की मूवमेंट रुक जाती थी। अफसर के आने के बाद ही फाइल मूव करती थी। इससे लोगों को परेशानी होती थी। परेशानी को देखते हुए यह नई ऑफिसर लिंक व्यवस्था लागू की गई है। लोगों को इससे जरूर राहत मिलेगी।
- मनीष लोहान, एस्टेट ऑफिसर, चंडीगढ़