मोटापा कई बीमारियों का जनक है। मोटापे से हार्ट, जोड़ों, लीवर और मानसिक बीमारी बढ़ रही हैं। अध्ययन बताता है कि मोटापे की वजह लोगों की लाइफ दस साल कम हो रही है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ पीजीआई ने मोटापे के खिलाफ जंग छेड़ दी है। रविवार को अलग-अलग विशेषज्ञों ने मोटापे से हो रही बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद एक पैनल बैठा, जिसने लोगों के कई सवालों का जवाब दिया।
सभी ने एक सुर में माना कि डाइट कंट्रोल और एक्सरसाइज करने से ही मोटापा कम होगा। एक नजर डालते हैं पूरे तीन घंटे में भिन्न-भिन्न विशेषज्ञों ने मोटापे से होने वाली बीमारियों के बारे में क्या-क्या बताया?
विज्ञापन
बच्चों को पांच सी से दूर रखें
कोला कुकीज केक कैंडी चाकलेट इससे भी बचाएं 1. फूड आउटलेट्स पर हाई कैलोरीज बच्चों की बसंद बन रहे हैं। 2. वीकेंड कंसेप्ट का मतलब भी सिर्फ खाना और बाहर का खाना है। 3. बच्चों ने आउटडोर गेम्स बंद कर दिए हैं और कंप्यूटर गेम्स में रुचि। 4. मां-बाप दोनों वर्किंग, बच्चे क्या खा रहे हैं, ध्यान देने के लिए वक्त नहीं। 5. स्कूल में तनाव बढ़ रहा है, ट्यूशन और स्कूल टाइम काफी लंबा है। 6. खाते वक्त टीवी देखते हैं और ध्यान नहीं रहता कितनी भूख थी कितना खाया।
(इंडोक्रिनोलॉजी के डा. संजय बडाडा के अनुसार)
खाते जाओ या घुटने बचाओ
मोटापे की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान घुटनों को होता है। कार्टिलेज जांघ की हड्डियों, पिंडली की हड्डियों और नी कैप के मूवमेंट के लिए एक चिकनी सतह प्रदान करता है।
अगर आपका वजन सामान्य से अधिक होगा, तो आपके कार्टिलेज पर अधिक भार पड़ेगा। यह चिकनी सतह रगड़ से प्रभावित होगी और ऑस्टियोअर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाएगा। मोटापे से सिर्फघुटने का दर्द नहीं बल्कि सभी ज्वाइंट पर प्रभाव पड़ता है। यदि जोड़ों के दर्द से बचना है तो अनावश्यक खाने से बचना होगा। (आर्थोपेडिक के एमएस ढिल्लन के अनुसार)
मोटापा यानी लीवर को नुकसान
ज्यादा खाने से ज्याद फैट भी शरीर में जाता है। यह स्टोरिंग सेल से बाहर आकर लीवर में जमा होने लगता है। इससे लीवर डैमेज होने लगता है। लीवर फैटी होने से हार्ट और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
अध्ययन में फैटी लीवर के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें मरीज को कैंसर हुआ और उसकी मौत हो गई। पंजाब में हर महीने 60 से अधिक केस फैटी लीवर के आ रहे हैं। अल्ट्रासाउंड से भी इसका पता लगाया जा सकता है। जल्दी-जल्दी वजन कम करने से भी परेशानी हो सकती है। इसलिए छह महीने का लक्ष्य बना कर वजन घटाएं। (हीप्टोलॉजी के डाक्टर अजय डुसेजा के अनुसार)
मोटा पेट तो दिल खतरे में
मोटापे से सबसे ज्यादा दिल की बीमारियां बढ़ती हैं। फैट बढ़ेगा तो आर्टरी ब्लॉक होगी। पेट का मोटापा हार्ट रिस्क बढ़ाता है। यदि आप मोटापे को नियंत्रित कर लेते हैं तो दिल की 90 प्रतिशत बीमारियों से दूर रहेंगे।
वेट कंट्रोल के लिए चाहिए कि हफ्ते में पांच दिन 45 मिनट की सैर करें। (कार्डियोलाजिस्ट डा. अजय बहल के अनुसार)
मानसिक असर
1.आत्मविश्वास में कमी 2. हारमोन्स में बदलाव 3. बेडोल तो खुद से खिन्न 4. शादी में दिक्कत आना 5. कार्यस्थल पर भेदभाव 6. उदासी व बोरियत (मनोचिकित्सक विभाग के डा. संदीप ग्रोवर के अनुसार)
1. दिन में सिर्फ चार चम्मच चीनी खाएं 2. जब भी वक्त मिले एक्सरसाइज करें 3. कोल्डड्रिंक से परहेज करें 4. भूख लगे तभी खाएं 5. खाने के नियम बनाएं 6. खाना बातें करते हुए आनंद उठाकर खाएं 7. खाना खाते वक्त न टीवी देखें, न किताब पढ़ें 8. हर निवाले को चबाएं न कि निगले 9. डाइनिंग टेबल पर सर्विस बाउल न रखें 10. खाना छोटी प्लेट में डालें, समय भी फिक्स करे 11. डाइट के साथ एक्सरसाइज भी जरूरी 12. खाना खाने के बाद सैर ज्यादा असरदार