अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से अकाली-भाजपा गठजोड़ के सांझे उम्मीदवार अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को देश का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के सबसे अहम और महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री पद की अहमियत को बौना कर दिया है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले अन्य लोगों की इजाजत लेनी पड़ती हैं।
मीडिया के साथ बातचीत में जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू की तरफ से प्रधानमंत्री के बारे में लिखी किताब ‘एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर-मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह’ में कांग्रेस और प्रधानमंत्री के बारे में किए गए अहम खुलासों ने देश निवासियों को अचंभित कर दिया है।
महत्वपूर्ण पद बना मजाक का विषय
प्रधानमंत्री के नजदीकी रहे मीडिया सलाहकार ने जो विवरण दिए हैं, उनसे स्पष्ट हो गया है कि डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद के मान-सत्कार और सरकारी भेद गुप्त रखने की कसम उठाने के बावजूद हर काम से पहले अपनी पार्टी प्रधान के साथ परामर्श करके वहां से आज्ञा लेते हैं। ऐसा करके उन्होंने देश के इस महत्वपूर्ण पद को मजाक का विषय बना दिया है।
जेटली ने कहा कि किताब के खुलासों ने अकाली दल और भाजपा के उस स्टैंड को सही साबित कर दिया है जिसमें केंद्र की यूपीए सरकार में सत्ता के दो केंद्रों के काम करते होने का दावा किया था और आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी इस देश में सुपर प्रधानमंत्री के तौर पर काम करती आ रहीं हैं।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह पर बरसे
जेटली ने कहा कि अमृतसर का नौजवान अपने अधिकारों और भविष्य प्रति सचेत होकर चिंतक है। उन कहा कि आज नौजवान सार्थक और रचनात्मक सोच को अपना रहा है और वह कैप्टन अमरिन्दर सिंह वाली तू-तू मैं- मैं की राजनीति में विश्वास नहीं रखता। बल्कि वह अपने आस-पास हो रहे बदलाव को बहुत गहरी और बारीकी के साथ पढ़ रहा है।
उनके लिए बुनियादी ढांचे, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार आदि मुद्दों के अलावा अमृतसर में औद्योगिक विकास, आईटी और सैर सपाटे को उत्साह देकर नौकरियां पैदा करना अहम मुद्दे बन चुके हैं। जेटली ने कहा कि वह नौजवान की सोच की प्रतिनिधित्व करते हुए उन के सपने साकार करने की तरफ विशेष ध्यान देंगे।
कांग्रेस तीसरे नंबर पर
इस मौके पर माल मंत्री बिक्रमजीत मजीठिया ने कहा कि पूरे देश में मोदी समर्थक हवा चल रही है और कांग्रेस तीसरे नंबर पर जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मौजूदा चयन दृश्य से गायब हो जाना कांग्रेस की तरफ से उनके अस्तित्व को कमजोर कर देने का स्पष्ट नतीजा है।
उन कहा कि अगले कुछ दिनों में दूसरे कई कद्दावर कांग्रेसी नेताओं को अकाली दल में शामिल कर लिया जाएगा। इस मौके पर अमृतसर वार्ड नं 18 के पूर्व कांग्रेसी काउंसिलर और वार्ड नं 32 के कांग्रेस इंचार्ज हरजिंदर सिंह अपने साथियों समेत कांग्रेस छोड़ कर अकाली दल में शामिल हो गए।