मोटापे से आखों की रोशनी भी जा सकती है। शरीर के बढ़े वजन से दिमाग के अंदर मौजूद फ्लूड पर दबाव पड़ता है, जिससे दिमाग का संपर्क आंखों से कटने लगता है। इससे कई बार दिखना बंद हो जाता है।
पीजीआई ने ऐसे कई मरीजों का इलाज कर उनकी आंखों की रोशनी लौटा दी है। पीजीआई न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने 150 मरीजों पर इडियोपैथिक इंट्राकैनियल हाइपरटेंशन विधि का इस्तेमाल किया और उसके सफलतापूर्वक परिणाम सामने आए हैं।
शोध की प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर डॉ. आस्था टक्कर व डॉ. कार्तिक विनय महेश ने बताया कि कोविड के पहले ऐसे मरीजों की संख्या काफी कम होती थी। कोविड के बाद इन मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
बीमारी से बचाव और कारण को देखते हुए शोध करने का निर्णय लिया गया है। शोध में सामने आया है कि मोटापा कैसे लोगों की आंखों की रोशनी भी प्रभावित कर सकता है।