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मां का दूध पिया है तो मीडिया को दिखा दो...

Tue, 29 Jul 2014 09:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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‘अगर मां का दूध पिया है तो मीडिया को दिखा दो यह एसएमएस......’। यह किसी फिल्म का डायलॉग नहीं है, बल्कि हरियाणा के शीर्ष प्रशासनिक अफसर की ओर से प्रदेश के प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव को भेजा गया एसएमएस है।
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चौधरी ने यह एसएमएस रविवार रात भेजा है। मुख्य सचिव एससी चौधरी ने मान भी लिया कि एसएमएस उन्होंने भेजा है। लेकिन मामले की गंभीरता देखते हुए दलील दी कि यह दोस्ताना अंदाज में भेजा गया था।

मामला सदस्यों के शपथ ग्रहण से जुड़ा है

मामला हरियाणा में आयोग के सदस्यों के शपथ ग्रहण से जुड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी एससी चौधरी ने प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव प्रदीप कासनी से सेवा के अधिकार आयोग के चीफ कमिश्नर की नियुक्ति संबंधी फाइल वापस मंगवाने के साथ ही धमकी भरे एसएमएस भेजे।

हालांकि मुख्य सचिव इस तरह के असंसदीय मैसेज को मजाक का नाम देते हैं।  फिलहाल कासनी ने यह मैसेज कानूनी सलाह के बाद अपने पास (एज ए रिकार्ड) सेव कर लिए हैं। कासनी को रविवार रात 11 बजे सील बंद पत्र भेज कर चीफ सेक्रेटरी ने फाइल मंगवाई।  प्रशासनिक सचिव के कार्यालय में यह फाइल नहीं है।

उनके विभाग के अंडर सेक्रेटरी ने फाइल के मुख्य सचिव के पास होने की सूचना दी है। कासनी को यह आशंका है कि कहीं फाइल ही नष्ट न कर दी जाए। मुख्य सचिव एससी चौधरी सेवा के अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त के पद के दावेदार हैं और 31 जुलाई को उनकी सेवाएं समाप्त हो रही हैं।

यह है मामला

प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव के तौर पर कासनी ने रविवार को सेवा के अधिकार आयोग के सदस्यों और सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल खड़ा किया था कि इसके लिए राज्यपाल से मंजूरी नहीं ली गई है।

उन्होंने पूर्व राज्यपाल की ओर से सदस्यों को शपथ ग्रहण कराने के लिए मुख्यमंत्री को दिए अधिकार पत्र में छेड़छाड़ कर नाम जोड़ने का आरोप लगाया था।  इस संबंध में कासनी ने रविवार को ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्यपाल से इन नियुक्तियों पर मंजूरी लेने का अनुरोध किया था।

कोट:
जो फाइल मुख्य सचिव ने मांगी है उसके बारे में मैने अंडर सेक्रेटरी से लिखित में पूछा है। जवाब आने के बाद मुख्य सचिव को सूचित किया जाएगा।
प्रदीप कासनी, सचिव प्रशासनिक सुधार
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कानूनी सलाह ली कासनी ने

रविवार रात को कासनी के फोन पर मुख्य सचिव के कई एसएमएस आए। इसमें से पहले दो एसएमएस तो प्यार से दी गई धमकी वाले थे। बाद के एसएमएस की भाषा कासनी को भी अखर गई है। कासनी के मुताबिक पहले तो उन्होंने इस एसएमएस को सामान्य समझा लेकिन, बाद में इसकी भाषा पर उन्हें बड़ा एतराज हुआ। कासनी ने इस बारे में कानूनी सलाह भी ली है।

धमकी नहीं मित्रों के बीच मजाक था
मुख्य सचिव एससी चौधरी ने कहा कि कासनी को भेजा गया एसएमएस धमकी नहीं है, बल्कि दो निजी मित्रों के बीच एक मजाक था। कासनी और उनके बीच कैसे संबंध हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है।

हमारे बीच आपस में मजाक चलता रहता है। हम दोनों एक ही जिले के हैं। उन्होंने कहा जहां तक फाइल मंगवाने की बात है वे मुख्य सचिव होने के नाते कोई भी फाइल मंगवा सकते हैं।
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