- एक सामान्य व्यक्ति एक मिनट में 12 से 15 बार सांस लेता, छोड़ता है।
- सामान्य व्यक्ति दिनभर में 21,600 बार सांस लेता, छोड़ता है।
- जल्दी-जल्दी सांस लेना, सांसें तेज चलने के कारण फेफड़ों की क्षमता प्रभावित होती है जो मौत का कारण बन सकता है।
इनडोर एक्टिविटी इस समय बेस्ट
हवा इतनी टॉक्सिक हो चुकी है कि बाहर रहना खतरे से खाली नहीं है। स्मॉग से बचने का यही उपाय है कि ज्यादा वक्त कमरे के अंदर गुजारा जाए। बच्चे खासतौर से बाहर निकलने से परहेज करें, कमरे के अंदर ही खेलें। बच्चों की इम्युनिटी बहुत डाउन होती है, इसलिए हवा में घुले घातक रसायन बच्चों पर तेजी से असर डालकर उन्हें बीमार करते हैं। -डॉ. ओपी सैनी, फिजीशियन।
अंदर रहें और मॉस्क पहनें बच्चे
बच्चों के फेफड़े वयस्कों के फेफड़ों से बड़े होते हैं। इसलिए बच्चा एक बार में काफी मात्रा में सांस के माध्यम से हवा खींचता है। जितनी हवा बच्चा खींचेगा, उसके साथ उतने ही प्रदूषक तत्व उसके फेफड़ों में जाते हैं। फेफड़ों के निचले भाग में पीएम 2.5 के कण जम जाते हैं, जो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस के अलावा कैंसर का कारण भी हैं। खेलते समय बच्चा और तेजी से सांस लेता है, इसलिए हवा का शरीर में प्रवेश दोगुना तक बढ़ने से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। -डॉ. साहिल अरोड़ा, एमडी मेडिशियन।
हवा खराब है, पटाखों के कारण काफी प्रदूषण बढ़ गया है। बच्चों को इनडोर गेम्स ही खेलने की अनुमति दी है। ताकि बच्चे स्वस्थ रहें, खराब हवा के संपर्क में न आएं। घर पर भी अंदर रहने की सलाह दी गई है। -बीर सिंह राणा, प्रिंसिपल राजकीय स्कूल गढ़ी बीरबल
आउटडोर एक्टिविटी पर रोक
स्मॉग के कारण फिलहाल आउटडोर एक्टिविटी को रोक दिया है, ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। स्पोर्ट्स रूम में इनडोर एक्टिविटी चालू हैं, जिसमें बच्चे भाग ले रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा बचाव करने की सलाह दी गई है। -तनवीर सिंह, डायरेक्टर मोंट फोर्ट वर्ल्ड स्कूल।
प्रदूषण कम करने में कौन-सा विभाग क्या करे, ताकि पर्यावरण को संतुलित कर सके।
पराली जलाने को प्रदूषण की सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। कृषि विभाग को किसानों पर रोक लगानी चाहिए। इसके लिये प्रयास के बावजूद भी सफलता नहीं मिल रही है। 73 किसानों के खिलाफ केस दर्ज करवाएं है। अभी समस्या ज्यों की त्यों बने हुए है।
इंडस्ट्री को वातावरण सामान्य होने तक बंद कर देना चाहिए। इससे काफी असर होगा। साथ ही पुलिस विभाग को जाम पर रोक लगाए, ताकि वाहनों से धुआं न निकले और पर्यावरण संतुलित हो सके। जिले में प्रदूषण जांच करने वाले यंत्र भी पुराने है। इनकी जांच भी अच्छे से नहीं हो पा रही है।
नगर निगम द्वारा शहर में लगे पौधों पर पानी का छिड़काव करना चाहिए। एक पेड़ रोज 230 लीटर ऑक्सीजन छोड़ता है, जो 7 लोगों के लिये पर्याप्त होती है। पौधों की धुलाई जरूरी है, क्योंकि एक-एक पेड़ से 7-7 लोगों को ऑक्सीजन देगा। निगम कमिश्नर अनिश यादव ने कहा कि आज से पेड़-पौधों की धुलाई शुरू करेगा।
कई स्थानों पर सड़कों का निर्माण चल रहा है। जहां पर वाहन के आने-जाने से हर समय धुल उड़ती रहती है। ऐसी स्थिति पर काबू पाने के लिये विभाग को लगातार पानी का छिड़काव करना चाहिए। ताकि धुल कम उड़े और पर्यावरण का बचाव हो सके।
शहर में चल रहे कंस्ट्रक्शन के काम को शहरी प्राधिकरण विभाग के कर्मचारियों को रोक लगानी चाहिए। जगह- जगह शहर में कूड़ा कर्कट जलाया जा रहा है। इसको रोकने के लिये लोगों भी अपनी सोच बदलने की जरूरत है।
आउटडोर एक्टिविटी बंद करवाने के लिये आदेश सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों को भेज दिये गए थे। इसके बाद भी स्कूलों को दौरा करके पालने करने की स्थिति का जायजा लिया गया। बच्चों को किसी प्रकार की दिक्कत विभाग की तरफ से नहीं होने दी जाएगी। - आरके चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।