हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव की संख्या साढ़े छह हजार के पार होने पर सरकार ने भी कमर कस ली है। हालात दिल्ली जैसी न हो जाए इसके लिए सरकार ने फील्ड में आईएएस अधिकारी पहले ही उतार दिए हैं। अब कंटेनमेंट जोन में होमगार्डों को तैनात किया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों में तैनात होमगार्डों का कार्यकाल तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है।
वहीं सूबे के मेडिकल कॉलेजों में अध्ययन कर रहे चौथे और पांचवें साल के एमबीबीएस चिकित्सकों को फील्ड में उतारने की तैयारी कर ली गई है। इसके अलावा आयुर्वेदिक डॉक्टरों को घर-घर सर्वे कर दवा बांटने का काम दिया जाएगा। यह दवा लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने वाली होगी।
स्वास्थ्य विभाग की यह मंशा है कि अधिक से अधिक लोगों की इम्यूनिटी बढ़ जाए। जिससे यदि संक्रमण की अवस्था आए भी तो मरीज को ठीक होने के लिए उसकी इम्यूनिटी साथ दे। यही नहीं सरकार ने एहतियातन बिस्तरों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।
मैरिज हॅल और बैंक्वेट हॉलों में व्यवस्था करवाने के लिए सरकार ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का बीते कल ही फ्रैक्चर का ऑपरेशन हुआ है। मोहाली के एक निजी अस्पताल से विज ने मोर्चा संभाला है। आज मंत्री की तरफ से इस संदर्भ में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
742 कंटेनमेंट जोन में होमगार्ड जवान संभालेंगे मोर्चा
प्रदेश में वर्तमान में 742 कंटेनमेंट जोन हैं। सरकार ने एक जुलाई से होमगार्ड जवानों को सिक्योरिटी पर लगाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार करते हुए वर्तमान में लगे सुरक्षा गार्डों का कार्यकाल तीन माह के लिए बढ़ा दिया है। साथ ही इन जवानों को कंटेनमेंट जोन में तैनात करने के आदेश भी दे दिए हैं।
प्राइवेट अस्पतालों को वेंटीलेटर दे अंडरटेकिंग लेगी सरकार
स्वास्थ्य विभाग में जो वेंटीलेटर इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। उन्हें प्राइवेट अस्पतालों को लोन बेसिस पर दिया जाएगा। सरकार इन अस्पतालों से यह अंडरटेकिंग लेगी कि यह वेंटीलेटर कोविड मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की अस्थाई प्रतिनियुक्ति हुई है। उनका कार्यकाल भी तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है।