हिंसा के चलते देश भर में चर्चा का विषय बनें हरियणा के नूंह जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई सहित कई विभागों में उत्कृष्ट कार्य हुआ है। जिसके आधार पर नूंह जिला देश के 112 आकांक्षी जिलों में डेल्टा रैंकिंग में दूसरे स्थान पर आया है। पूर्व में इन 112 जिलों में नूंह का 30वां स्थान था। जिसमें अभूतपूर्व सफलता हासिल की है।
नीति आयोग द्वारा देशभर के 112 आकांक्षी जिलों की सूची बनाई गई थी, जिसमें लगभग 87 पैरामीटर तय किए थे। इनमें संस्थागत डिलीवरी, सिंचाई, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य विभागों के बहुत से काम शामिल किए गए हैं। इन सभी में सुधार करने की जरूरत थी। जिसमें नूंह जिला में अच्छा कार्य हुआ है। नूंह जिला पिछड़े जिलों की सूची से बाहर निकालने में भरपूर मेहनत कर रहा है।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने और ‘सबका साथ सबका विकास’ के दृष्टिकोण के तहत सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयास का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा और कृषि और जल संसाधन आदि में बड़े पैमाने पर सुधार कर लोगों को लाभ देना है।
आकांक्षी जिलों के अन्य पैमानों में भी जिला की रैंकिंग को बेहतर हुई है। इनमें कृषि एवं जल संसाधन में जिला प्रथम स्थान पर रहा। इसका स्कोर 26.2 से बढ़कर 30.7 हुआ है। इसी प्रकार, स्वास्थ्य एवं पोषण में जिला की रैंकिंग दूसरे स्थान पर रही है, जिसका स्कोर 64.9 से बढ़कर 71.3 हुआ है।
इसी प्रकार अन्य विभागों की रैंकिंग में भी निरंतर सुधार के चलते जिला दूसरे स्थान पर पहुंचा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस संबंध में पिछले दिनों अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए थे। नूंह के डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों के चलते नूंह दूसरे स्थान पर पहुंचा है।