पीयू में छह साल बाद आई एनएसयूआई
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पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव इस बार परिसर की चहारदीवारी तक सीमित नहीं थे। राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की जीत के लिए पंजाब-हरियाणा से लेकर दिल्ली तक छात्रसंघ चुनाव की रणनीति बन रही थी क्योंकि सियासी पंडितों का दावा है कि इस चुनाव से बना जनाधार अगले साल लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों को मजबूती देगा।
यही वजह रही कि पीयू छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने दो बार चंडीगढ़ का दौरा किया और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रणनीति बनवाई। वहीं, जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला भी पीयू में इनसो को जीत दर्ज करवाने के लिए पूरी नजर बनाए हुए थे और आप पंजाब के एमएलए भी लगातार सीवाईएसएस को जीत दर्ज करवाने के लिए दौरे पर रहे।
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खुली मोहब्बत की दुकान-कन्हैया
पीयू में एनएसयूआई की जीत के बाद कन्हैया ने संगठन को संदेश भिजवाया कि पंजाब और चंडीगढ़ में राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान खुल गई है। पीयू के नतीजों पर राहुल की पंजाब और हरियाणा यात्रा का भी असर है। बता दें कि वीरवार को भारत जोड़ो आंदोलन के एक साल पूरे हो रहे हैं। हफ्ते पहले चंडीगढ़ दौरे के दौरान कन्हैया ने कहा था कि पीयू से छात्र आंदोलन की शुरुआत होगी और हम जरूरी मुद्दों बेहतरीन और सस्ती शिक्षा और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर को राष्ट्रीय स्तर पर उठा पाएंगे। देश की शिक्षा को बचाने के लिए आंदोलन करेंगे। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत सेल्फ फाइनेंस शिक्षण संस्थानों का विरोध किया, जिसके कारण शिक्षा आम लोगों के लिए महंगी हो रही है।
चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि पीयू से राहुल गांधी के लोकसभा को लेकर दृष्टिकोण से जुड़ेंगे छात्र, जीतेगा भारत की शुरुआत हो गई है। अब हम चंडीगढ़ लोकसभा में भी युवाओं के सहयोग से मोहब्बत की दुकान को खोलने का काम करेंगे।
पीयू से युवाओं का समर्थन जेजेपी को हरियाणा में देगा मजबूती
जेजेपी के नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि पीयू उत्तर भारत की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में से एक है। यहां की जीत ने हमेशा पड़ोसी राज्यों के चुनाव नतीजों पर भी बड़ा प्रभाव छोड़ा है। इनसो को पीयू में लगातार दूसरे साल महासचिव पद पर रिकॉर्ड 1811 के अंतराल से जीत मिली है। इसका अर्थ है कि पीयू में क्षेत्रीय पार्टी को युवा पसंद कर रहे हैं और हर राज्य व वर्ग के युवाओं का बराबर समर्थन मिला है। जेजेपी को पीयू के प्यार से हरियाणा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही अगले वर्ष कैडर मजबूत करते हुए इनसो अध्यक्ष पद पर अपना दांव लगाएगी।