एनआरआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि नोटबंदी के बाद पुराने करेंसी नोट बदलने के लिए एनआरआई को विकल्प दिया जाए। कनाडा में बसे ओवरसीज कांग्रेस के प्रधान अमरप्रीत सिंह औलख का तर्क है कि यदि उनको भी नोट बदलने का मौका न दिया गया तो करेंसी बेकार हो जाएगी।
औलख ने कहा कि कनाडा, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में बसने वाले अप्रवासी भारतीयों में प्रत्येक के घर में कुछ हजार की भारतीय करेंसी है। उनके पास इन नोटों को एसबीआई या अन्य बहुराष्ट्रीय बैंकों में बदलने का विकल्प नहीं है।
कनाडा में ज्यादातर पंजाबी एनआरआई और उनके माता-पिता रहते हैं, जो पंजाब में अपने घर आने पर इन नोटों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अधिसूचना के बाद से एनआरआई को उनके नोट बदलने के लिए विकल्प देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। एनआरआई ने मांग की है कि भारतीय करेंसी की छोटी बचतों को विदेशों में संबंधित भारतीय बैंकों से बदलवाया जा सके।