उसने विदेश में बैठे ही गांव देवसर के पीएनबी बैंक में अपनी मां रेखा के साथ फर्जी तरीके से ज्वाइंट अकाउंट खुलवा लिया। इस मामले में सदर थाना भिवानी पुलिस ने आरोपी एनआरआइ पति की मां के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है। मुंबई कोर्ट में चल रहे घरेलू हिंसा मामले की सुनवाई करते हुए एनआरआइ पति पंकज यादव को घर खर्च के लिए हर माह 20 हजार रुपये खर्च देने के आदेश दिए थे।
पिछले पांच साल का कुल खर्च 10 लाख 20 हजार रुपये बना है। कोर्ट के आदेश की अवेहलना करते हुए आरोपी पति ने पहली पत्नी नीरज को न ही तो एक बार भी यह खर्च दिया और न ही वह आज तक भारत पहुंच कर कोर्ट में पेश हुआ है। मुंबई कोर्ट ने इसे मामले को सख्ती से लेते हुए एनआरआइ पति की गांव रूपगढ़ स्थित 14 कनाल 6 मरले जमीन की नीलामी कर इस खर्च का भुगतान किए जाने के आदेश दिए है।
नीरज रानी ने बताया कि कोर्ट ने 23 अप्रैल को नीलामी की तिथि तय की थी। मगर नहीं हो सकी। उसके बाद 10 जून और 18 जून को आरोपित की जमीन की नीलामी की तारीख तय की थी लेकिन नीलामी नहीं हो पाई।
18 जून को एनआरआई के पिता द्वारा भिवानी कोर्ट के स्टे ऑडर्र कॉपी दिखा कर नीलामी रुकवा दी गई थी लेकिन अब फिर से प्रशासन से अपील की और बताया कि स्टे ऑडर्र कोर्ट के इस आदेश पर लागू ही नहीं होते। इस पर प्रशासन ने कानूनी जानकारों की सलाह के बाद 19 जुलाई को जमीन नीलाम कराई गई।
कोर्ट के आदेश पर कृषि भूमि की नीलामी करने गांव में गए थे। नीलामी के समय पंकज के पिता से जमीन बारे किसी प्रकार का कोई स्टे ऑर्डर व कागजात दिखाने के लिए कहा। इसके साथ ही उसे रिकवरी के पैसे मौके पर जमा कराने पर जमीन की नीलामी नहीं करने के बारे में भी बताया गया। उन्होंने दोनों बातों से इनकार किया। जिसके बाद जमीन नीलाम की गई। कोर्ट के आदेश पर पंकज की 9 कनाल 1 मरला जमीन नीलाम की गई है।
अजय कुमार, नायब तहसीलदार