पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा के राष्ट्रीय उच्च मार्ग समेत स्टेट हाईवे से भी सभी शराब के ठेके हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि सरकार ने एक्साइज पॉलिसी में संशोधन किया है।
संशोधित पॉलिसी के तहत 2014-2015 की एक्साइज पॉलिसी के तहत स्टेट हाईवे के किनारे ठेकों के अलॉटमेंट पर रोक लगा दी है।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने सरकार को निर्देश जारी किए कि पॉलिसी में किए गए संशोधन से कुछ ठेकेदारों को प्रभावित कर सकता है, लिहाजा उनके मुआवजे का भी बंदोबस्त किया जाए। हाईकोर्ट ने यही आदेश पंजाब सरकार को भी जारी कर याचिका का निपटारा कर दिया।
हरियाणा सरकार द्वारा हाईकोर्ट में पेश की गई नई पॉलिसी पर हाईकोर्ट ने कहा कि हाईवे और स्टेट वे ही नहीं, इसमें सर्विस लेन को भी शामिल किया जा सकता है।
अराइव सेफ सोसाईटी द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है। याचिका में कहा गया कि हाईवे किनारे यह ठेके हादसों का कारण बन रहे हैं और इसकी बदौलत हर रोज सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।
हाईकोर्ट ने इससे पूर्व भी हरियाणा और पंजाब को निर्देश जारी करते हुए हाईवे से ठेके हटाने के निर्देश जारी किए थे। हाईकोर्ट के इन आदेशों को हरियाणा सरकार ने राजस्व हानि की बात करते हुए सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की थी।
सुप्रीमकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा दाखिल एलपीए को रद करते हुए हाईकोर्ट को इस मामले के जल्द निपटारे के निर्देष जारी किए थे।
हाईकोर्ट ने कहा कि ठेकेदार चाहें तो, मुआवजे के मुद्दे पर इस पॉलिसी को चुनौती दे सकते हैं। इसके लिए अलग से याचिका दायर की जा सकती है।