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PSEB ने शुरु की नई सुविधा, अब ऑनलाइन चेक कर पाएंगे अपनी अर्जी का स्टेटस

Mon, 23 Oct 2017 05:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली(पंजाब)
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PSEB Website
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पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उन सैकड़ों लोगों को बड़ी राहत दी है। जो कि बोर्ड से अपने प्रमाण पत्रों की गलती ठीक करवाना चाहते हैं या फिर आवेदन किया हुआ है। ऐसे लोगों को अब उनसे जुड़ी हर जानकारी फोन पर ही मिल जाएगी। इतना ही वह अपनी एप्लीकेशन का ऑनलाइन स्टेटस तक देख पाएंगे। इसके लिए बोर्ड ने जहां एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया। वहीं, अपनी वेबसाइट पर एक स्पेशल लिंक तैयार किया है। बोर्ड को उम्मीद है कि इसका इलाके के लोगों द्वारा पूरा लाभ उठाया जाएगा। 
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जानकारी के मुताबिक, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड अपने आपको इंटरनेशनल बोर्ड की श्रेणी में लाने की तैयारी में जुटा हुआ है। इतना ही नहीं यह काफी समय बाद ऐसा मौका आया है जब बोर्ड के चेयरमैन पद एक आईएएस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले चुनाव के दिनों में आईएएस आते थे। बाद में सरकार अपने करीबियों को इस पद पर तैनात कर देती थी। वहीं, इसका असर भी साफ अब दिख रहा है।

बोर्ड ने सर्टिफिकेटों की वेरिफिकेशन, दुरुस्ती, ट्रांसक्रिप्ट व माइग्रेशन सर्टिफिकेट संबंधी पूछताछ के लिए 01725227423 नंबर शुरू किया है। इसी तरह क्षेत्रीय दफ्तर में डुप्लीकेट सर्टिफिकेट लेने या संशोधन करवाने के लिए जमा करवाई गई एप्लीकेशन का स्टेटस चेक करने के लिए लोगों को बोर्ड की वेबसाइट http://www.pseb.ac.in पर लॉगिन करना होगा। जहां पर इस संबंधी लिखा हुआ एक लिंक दिया होगा। जिस पर क्लिक करते ही पूरी जानकारी मिल पाएगी।  
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हेल्पलाइन नंबर सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक करेगा काम

PSEB - फोटो : File Photo
हुसन लाल ने भी इसी तरह लिए थे फैसले 
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में नए आईएएस अफसर कृष्ण कुमार के चेयरमैन आने से बोर्ड के कामकाज में काफी सुधार हुआ है। मुलाजिमों में अपने काम के प्रति निष्ठा बढ़ी है। इसके अलावा बोर्ड मुलाजिमों की परफामेंस में सुधार हो रहा है।

इससे पहलेआईएएस अधिकारी हुसन लाल के आने से भी बोर्ड में काफी बदलाव हुआ था। वह करीब चार महीने बोर्ड में रहे थे। उन्होंने इस दौरान कई बदलाव किए थे। इसमें कई सालों से एक ही सीट पर जमे मुलाजिमों को शिफ्ट किया था। इसके अलावा कई प्रशासनिक फैसले लिए थे। इनमें सीक्रेट फंड समेत कई चीजें शामिल थे। हालांकि उस समय कुछ फैसलों को विरोध भी हुआ था। लेकिन बाद में सभी ने उन्हें स्वीकार कर लिया था।
 
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