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अब चंडीगढ़ में महिला ड्रग इंस्पेक्टर को दफ्तर में घुसकर दी गई धमकी, दो हिरासत में

Wed, 10 Apr 2019 12:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब की ड्रग अफसर डॉ. नेहा शौरी की हत्या का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि चंडीगढ़ की एक महिला ड्रग इंस्पेक्टर को ऑफिस में घुसकर धमकी देने का मामला सामने आया है। मंगलवार को दो आरोपी बृजेंद्र नाथ चौबे और राहुल चौबे सेक्टर-16 स्थित ड्रग कंट्रोलर के दफ्तर में घुस गए और वहां मौजूद महिला ड्रग इंस्पेक्टर को घूरने लगे। 

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इतना ही नहीं आपत्तिजनक बात कर धमकी देना शुरू कर दिया। महिला ड्रग इंस्पेक्टर ने तुरंत अपने आला अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी। इसके बाद मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। महिला ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक बृजेंद्र नाथ अपने आपको दिल्ली हाईकोर्ट का वकील बताता है और ड्रग लाइसेंस बनाने वालों की पैरवी करता है। 
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उनका यह भी आरोप है कि आरोपी बृजेंद्र नाथ पिछले तीन महीने से उन्हें परेशान कर रहा है और लाइसेंस बनाने का दबाव डाल रहा है। विरोध करने पर धमकी देता है। चंडीगढ़ की महिला ड्रग इंस्पेक्टर सारिका मलिक ने अपनी शिकायत में बताया है कि खुद को दिल्ली हाईकोर्ट का एडवोकेट बताने वाला बृजेंद्र नाथ चौबे पैसे लेकर क्लाइंट से ड्रग लाइसेंस बनवाने का काम अपने हाथ में लेता है। 

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उसके पास चार से पांच क्लाइंट हैं। दफ्तर में पहली बार वह फरवरी के महीने में तीन से चार लोगों के साथ आया था। उसके पास तीन से चार लाइसेंस के आवेदन थे।

उस दौरान उसे मना कर दिया गया था कि वह किसी दूसरे की आवेदन लेकर न आए। जिसके नाम का लाइसेंस लेना है, केवल उसे ही लेकर आए। किसी थर्ड पार्टी के दखल देने से लाइसेंस नहीं बनता। यह गैरकानूनी भी है। 

शिकायत के मुताबिक 22 फरवरी को वह जबरदस्ती दफ्तर में घुस गया और धमकी देने लगा कि मैं आपका आफिस में बैठना मुश्किल कर दूंगा। इससे सारिका काफी डर गईं। उसके बाद बृजेंद्र मंगलवार को दफ्तर में पहुंचा।
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सारिका के मुताबिक मंगलवार को वह ऑफिस परिसर में फोन कर रही थीं, तभी वह बृजेंद्र आ गया और घूरने लगा। उसके साथ एक व्यक्ति और था, जो मोबाइल से उनकी वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा था। 

उसके बाद वह उनके पीछे चल पड़ा। उन्हें कुछ गलत लगा और उन्होंने तुरंत इसकी सूचना तुरंत डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज को दी। उन्होंने तुरंत सिक्योरिटी और पुलिस फोर्स को भेजा।

पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गई। उधर, सेक्टर-17 पुलिस का कहना है कि उसने दोनों आरोपियों के खिलाफ धमकी देना और गलत इरादे से रोकने का मामला दर्ज किया गया है। 

पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर डा. जी दीवान ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की सूचना मिलने पर सिक्योरिटी और पुलिस की टीम भेज दी गई थी। दफ्तर के बाहर सिक्योटिरी हर वक्त रहती है।
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