सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए खुशखबरी है। क्योंकि अब उनके नन्हें कंधों पर भारी बैग नहीं होगा। साथ ही उनको घर जाकर होम वर्क भी नहीं करना पडे़गा। जी हां, यह हिदायत चंडीगढ़ जिला शिक्षा विभाग अधिकारी अनुजीत कौर ने सभी गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों को दी है। इस हिदायत को जल्द से जल्द स्कूलों में लागू करने के लिए कहा गया है। यह हिदायत पहली एवं दूसरी कक्षा के लिए जारी की गई है।
गौरतलब है कि मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए स्कूलों में क्लास वन और टू के स्टूडेंट्स को होमवर्क देने पर रोक लगा दी है। अपने आदेश में कोर्ट ने स्कूली बैग के बढ़ते बोझ को लेकर कहा कि बच्चे कोई वेटलिफ्टर नहीं हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को हिदायत देते हुए कहा कि वो राज्य सरकारों को निर्देश देकर बच्चों के बैग का वजन कम कराए।
कोर्ट ने स्कूलों में (नेशनल काउंसिल फोर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) किताबों को अनिवार्य का निर्देश भी दिया। इस आदेश के बाद चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूल को यह हिदायत जारी की है। चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन गोयल ने बताया कि सभी राज्यों को पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों के बस्ते का भार घटाने से उनको राहत होगी।
लागू हो चिल्ड्रेन स्कूल बैग पॉलिसी
- चिल्ड्रेन स्कूल बैग पॉलिसी लागू करवाई जाए। इस पॉलिसी की मदद से बच्चों के बैग का वजन कम किया जा सकता है।
- क्लास पहली और दूसरी के बच्चों को होमवर्क देने पर रोक
- सीबीएसई सर्कुलर के तहत एनसीईआरटी किताबों को पढ़ाया जाए
-सीबीएसई के तहत स्कूली बैग का भार कम किया जाए