सूखती सुखना लेक को सोमवार से पानी मिलने की शुरुआत हो गई। सुखना को 24 घंटे में डेढ़ एमजीडी यानी 15 लाख लीटर पानी मिलेगा। हालांकि, यह पानी सुखना के आकार को देखते हुए बहुत कम है।
लेकिन, इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इतने पानी से सुखना में हर महीने 4 से 5 इंच जलस्तर बढ़ेगा। नगर निगम के 7 ट्यूबवेल से पीने का पानी पाइप लाइन के जरिए सुखना लेक तक पहुंचाया गया है।
इस पाइप लाइन से गर्मियां शुरू होने तक पानी चलाया जाएगा। गर्मियों में पानी की शहर में खपत बढ़ते ही इसे बंद कर दिया जाएगा। सोमवार शाम को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एके मित्तल, रामेंद्र जैन और सांसद किरण खेर ने सुखना लेक पर नारियल फोड़कर इसकी शुरुआत की।
इसके बाद सभी 7 ट्यूबवेल को चला दिया गया। जिससे पानी का प्रेशर भी बढ़ गया। हालांकि, दिन में भी कई घंटे इसे ट्रायल के तौर पर कम प्रेशर में चलाया गया।
सांसद किरण खेर ने कहा कि कुछ ही दिनों में पाइप लाइन बिछाकर पानी सुखना तक लाया गया है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने काफी तेजी से काम को अंजाम दिया। चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि सुखना का अधिकतम स्तर 1163 फुट है।
इससे दो फुट ऊपर पाइप लाइन को रखा गया है। इससे डेढ़ एमजीडी पानी रोजाना सुखना को मिलेगा। जिससे महीने में 4 से 5 इंच जलस्तर बढ़ेगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 45 लाख रुपये का खर्च आया है।