विधानसभा चुनावों को देखते हुए आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चुनाव आयोग सख्त होता जा रहा है। आयोग ने हलका डेराबस्सी में सख्ती करते हुए शिअद-भाजपा के संयुक्त प्रत्याशी एनके शर्मा को एक दिन में तीन बड़े झटके दिए।
आयोग से मंजूरी लिए बगैर शर्मा निजी इनोवा से चुनाव प्रचार कर रहे थे, सोमवार शाम कार जब्त कर ली गई। आयोग ने शर्मा को दूसरा बड़ा झटका देते हुए उनकी सुरक्षा में तैनात एस्कार्ट गाड़ी को भी वापस ले लिया। उसमें चार गनमैन सवार रहते थे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर बिना मंजूरी बल्क में बड़ी संख्या में संदेश भेजने के आरोप में शर्मा को नोटिस जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, हलका डेराबस्सी से शिअद-भाजपा के उम्मीदवार एनके शर्मा सोमवार शाम पांच बजे गांव मेहमदपुर में चुनाव बैठक को संबोधित करने के बाद वहां से आगे जा रहे थे। इस दौरान चुनाव अधिकारी कम एसडीएम रूही दुग्ग के निर्देश पर फ्लाइंग स्कवॉयड दस्ते ने उनकी गाड़ी को जब्त कर लिया। इसके बाद वह दूसरी गाड़ी में बैठकर आगे गए। चुनाव अधिकारी कम एसडीएम रुही दुग ने बताया कि सामने आया था कि एनके शर्मा एस्कार्ट गाड़ी को चुनाव प्रचार में लेकर जा रहे थे। इससे वोटर प्रभावित हो रहे थे, जो कि आचार संहिता का उल्लंघन है।
सोशल मीडिया पर बल्क में संदेश भेजने पर नोटिस जारी
एनके शर्मा
- फोटो : File Photo
उन्होंने कहा कि शर्मा सिर्फ गाड़ी को सरकारी कार्यों में सुरक्षा के लिए ले जा सकते हैं, लेकिन वह चुनाव प्रचार में इसका प्रयोग कर रहे थे। इस कारण उनकी एस्कार्ट गाड़ी वापस ले ली गई है। सोशल मीडिया पर बिना मंजूरी बल्क में संदेश भेजने के आरोप में भी शर्मा को नोटिस जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर संदेश भेजने के लिए भी मंजूरी जरूरी है।
वहीं आयोग ने बिना मंजूरी लिए प्रचार में लगे तीन वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें आम आदमी पार्टी व अकाली दल का एक-एक थ्री-व्हीलर, कांग्रेस की एक गाड़ी शामिल है। सरकारी प्रापर्टी पर अवैध तौर पर पोस्टर लगाने पर तीनों मुख्य पार्टियों जिनमें कांग्रेस, अकाली दल व आप पार्टी के खिलाफ पुलिस को शिकायत देकर केस दर्ज करवाया है। जांच में सामने आया कि उक्त पार्टियों की ओर से बिजली के सरकारी खंभों, जंगलात विभाग के पेड़ों व सरकारी कार्यालयों की दीवारों पर अपने चुनावी पोस्टर लगाए हुए हैं।
इसके अलावा विभाग ने सोमवार को सात नोटिस तीनों पार्टियों को जारी किए हैं। इनमें दो आम आदमी पार्टी, चार अकाली दल और एक कांग्रेस शामिल है। इनमें बिना मंजूरी चुनावी बैठक करने, बिना मंजूरी गाड़ियों में प्रचार करना शामिल है।