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दोहरा लाभ... अब कला संकाय के विद्यार्थी भी पढ़ सकेंगे विज्ञान वर्ग के विषय, तैयारी में जुटी है पीयू

Mon, 20 Jul 2020 02:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो सुशील कुमार, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब यूनिवर्सिटी दो साल से च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) कॉलेजों में लागू नहीं कर पा रहा था, लेकिन यह अगले साल तक धरातल पर आ जाएगा। आर्ट के हजारों स्टूडेंट्स साइंस के विषय पढ़ सकेंगे। इसकी राह में आ रही दिक्कतों को पीयू प्रशासन इसी साल दूर कर लेगा। इसकी जिम्मेदारी दो कमेटियों को दी गई है। यह कमेटियां कॉलेजों में प्लान को तय करने में जुटी हैं।
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पीयू ने साइंस वर्ग में सबसे पहले सीबीसीएस लागू किया था। इसके लिए पूरा प्रस्ताव तैयार किया गया और वह पास हो गया। आज विज्ञान वर्ग के हजारों छात्र मनचाहे विषयों की पढ़ाई कर पा रहे हैं। आर्ट के विद्यार्थियों के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के बारे में चर्चा की गई और प्रस्ताव तैयार किया जाने लगा। पीयू में तो यह सिस्टम काम कर रहा है, लेकिन इससे संबद्ध 196 कॉलेजों में दो साल बीत जाने के बाद भी 1.20 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

सिंडिकेट व सीनेट की बैठकों में यह प्रस्ताव ले जाया गया था, लेकिन निर्णय क्या हुआ, यह पता नहीं चला। हालांकि, बताया जा रहा है कि नए शैक्षिक सत्र तक इसे लागू कर दिया जाएगा। इस बारे में प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार पीयू ने कहा कि सीबीसीएस प्रणाली पर काम चल रहा है। यह जल्द ही सभी के सामने होगी। लाखों छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा।
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ये आई थीं दिक्कतें
सीबीसीएस का कुछ कॉलेज विरोध कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस सिस्टम से छात्रों को रेगुलर पढ़ाई करनी होगी। हाजिरी भी पूरी होनी चाहिए। कुछ कॉलेजों में यह खेल चल रहा है कि वह केवल छात्रों के दाखिले करने में विश्वास करते हैं, फिर चाहे विद्यार्थी सालभर आए या नहीं। इससे उन्हें नुकसान होगा। हालांकि पीयू अब कॉलेजों में इसकी जांच भी समय समय पर करेगा। इसके लिए भी कमेटियां बनाई जाएंगी। फ्लाइंग स्क्वाइड की तरह जांच होगी। ऐसा होने से कुछ कॉलेजों में छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है। साथ ही कॉलेजों के खेल का खुलासा भी हो सकता है।

नौकरी पाने में आसानी
सीबीसीएस के जरिये यदि विद्यार्थी आर्ट के साथ साथ साइंस की भी पढ़ाई करेंगे तो वह नौकरी के लिए साइंस वर्ग में भी अप्लाई कर सकेंगे। यानी कला व विज्ञान वर्ग के लिए निकलने वाली भर्तियों में आवेदन के हकदार होंगे। हजारों छात्रों के सामने रोजगार के रास्ते खुलेंगे। साइंस वर्ग के पासआउट विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल रहा है। वह आर्ट विषयों की पढ़ाई करने के साथ सामाजिक क्षेत्र में हिस्सा ले रहे हैं।
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