वहीं बौद्धिक विकास का मूल्यांकन करने के लिए बच्चों द्वारा आकार और रंग की पहचान करना, वस्तु का वर्गीकरण, पैट्रर्न को पूरा करना, तुलना करने और पजल को हल करने के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। भाषा व ध्वनि और शब्दों की जानकारी, गणित के अंकों के ज्ञान के तहत भाषा और गुणात्मक विकास का मूल्यांकन होगा।
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्राइमरी क्लास के रिपोर्ट कार्ड के तहत पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के भाषा कौशल जैसे पढ़ने, लिखने, सवाल और पहाड़ों का मूल्यांकन साल में चार बार होगा।
रिपोर्ट कार्ड प्राइमरी वर्ग के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए फायदेमंद होगा। स्कूल के अध्यापकों की ओर से रिपोर्ट कार्ड की प्रशंसा की जा रही है। रिपोर्ट कार्ड अध्यापक को विद्यार्थी की कार्यशैली मापने के लिए ऐसा रिकॉर्ड साबित होंगे, जो साल के दौरान समय समय पर सिखने के स्तर में सुधार को अभिभावकों के सामने पेश कर सकेंगे। इन कार्डो की बनावट भी कलरफुल है, जो विद्यार्थियों को भी आकर्षित करेगी। - डॉ दविंदर बोहा, स्टेट प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर।