चंडीगढ़ में अब कोई भी पार्किंग नि:शुल्क नहीं है। निगम से कब्जा लेने के बाद कंपनियों ने वर्षों से दोपहिया वाहनों के लिए नि:शुल्क चल रहीं पार्किंगों पर भी पेड पार्किंग का नोटिस चस्पा कर दिया है। वहीं, जानकारी के अभाव में लोगों से पार्किंग कर्मचारियों की बहस भी हो रही है। फिलहाल कंपनी के कर्मचारी दोपहिया वाहनों से 5 और चारपहिया वाहनों से 10 रुपये पार्किंग चार्ज ले रहे हैं। 30 दिन में पार्किंगों को स्मार्ट बनाने के बाद चार्ज दोगुना हो जाएगा।
मध्य मार्ग, सेक्टर 20 कंप्यूटर मार्केट और मनीमाजरा के नोटिफाइड एरिया की कई पार्किंग शुरू से ही फ्री रहीं हैं। ऐसे में अचानक से यहां पेड पार्किंग का नोटिस देखकर लोगों को भी हैरानी होे रही है। कंपनी के कर्मचारियों ने पार्किंगों के पेड होने की बात कही तो लोगों ने कहा यह पार्किंग तो मुफ्त हैं, नगर निगम ने बोर्ड भी लगाया है। इस बात को लेकर कई लोगों से बहस भी हुई।
हालांकि कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि जल्द यहां मार्किंग कराई जाएगी। साथ ही अवैध रूप से खड़े ऑटो व अन्य गाड़ियों को हटाया जाएगा। ज्ञात हो कि सितंबर माह में सदन की बैठक के बाद पार्किंगों के टेंडर की अनुमति मिल गई थी। शहर में पहले केवल 25 पार्किंग ही पेड थीं। उसके बाद निगम ने भाजपा पार्षद अरुण सूद के नेतृत्व में एक सब कमेटी बनाई।
कमेटी में आशा जसवाल, महेश इंदर सिंह, अकाली दल के पार्षद हरदीप सिंह, कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत, चीफ इंजीनियर, चीफ अकाउंट ऑफिसर, लॉ ऑफिसर को रखा गया था। कमेटी ने कुछ नई पार्किंग बनाकर फ्री पार्किगों को पेड करने की रिपोर्ट दी थी, जिसे सदन की बैठक में पास कर दिया था। अब शहर में कुल 92 पेड पार्किंग हो गईं हैं। इसके अलावा एक मल्टीलेवल पार्किंग है, जिसका संचालन खुद नगर निगम करेगा।