फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कॉलोनी नंबर-4 में अब बनेगा अमृत वन, विद्यार्थियों ने रोपे 75 किस्म के पौधे

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कॉलोनी नंबर-4 से मकानों को गिराने के बाद अब वहां अमृत वन बनेगा। बुधवार को चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित की मौजूदगी में स्कूल के विद्यार्थियों ने 75 किस्म के पौधे रोपे। इस मौके पर प्रशासक ने रुद्राक्ष का पौधा लगाया। प्रशासक ने ग्रीन चंडीगढ़ एक्शन प्लान-2022-23 और अमृत वन की बुकलेट भी जारी की।
विज्ञापन

योजना की जानकारी देते हुए मुख्य वन संरक्षक देवेंद्र दलाई ने बताया कि इस वर्ष को भारत सरकार आजादी के अमृत महोत्सव के तौर पर मना रही है। उसी को ध्यान में रखते हुए अमृत वन की योजना बनाई गई है। इसमें खाली जमीन को 75 अलग-अलग ब्लॉक में बांटकर 75 किस्म के पौधे लगाए गए हैं। इसमें ऋतु को ध्यान में रखते हुए पौधे लगाए हैं ताकि पौधे बड़े होने के बाद हर ऋतु में यहां फूल देखने को मिले। पूरे साल अमृत वन फूलों से महकेगा। उन्होंने बताया कि इस बार वन महोत्सव के दौरान 75 हजार पौधे केवल शहरी क्षेत्र में रोपे जाएंगे। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि यह अमृत वन एक अलग ही तरह की विशेष योजना है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2022 में चंडीगढ़ यात्रा के दौरान शहर की हरियाली की सराहना की थी। उन्होंने मानसून सीजन में पौधरोपण का विशेष अभियान चलाने को कहा था। कार्यक्रम में मेयर सरबजीत कौर, डीजीपी प्रवीर रंजन, डीसी विनय प्रताप सिंह, वित्त सचिव विजय नामदेवराव, डिप्टी चीफ कंजर्वेटर डॉ. अब्दुल कय्यूम मौजूद रहे।
बॉक्स
हर घर पौधे पहुंचाने के लिए चलेगी मोबाइल वैन
इस मौके पर प्रशासक ने वन विभाग आपके द्वार योजना के तहत मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल वैन घर पर ही निशुल्क पौधे पहुंचाएगी। अलग-अलग रास्तों पर यह मोबाइल वैन प्रतिदिन पहुंचेगी। लोग अपनी पसंद के पौधे वैन से ले सकेंगे। देवेंद्र दलाई ने बताया कि ग्रीन चंडीगढ़ एक्शन प्लान-2022-23 के तहत इस बार 1.75 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य है। इसमें से 80 हजार पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे।
विज्ञापन

बॉक्स
300 स्कूलों के बच्चों ने एक साथ किया पौधरोपण
सुबह ही 300 स्कूलों के विद्यार्थी कॉलोनी नंबर-4 स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। उमस के कारण बच्चों का हाल बेहाल था। लगभग सवा 11 बजे प्रशासक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उसके बाद बच्चों ने अपने-अपने ब्लॉक में पौधरोपण किया।
बॉक्स
प्रशासक ने सुनाया राजस्थान का एक वाक्या
जब व्यापारी बोले- पीपल नहीं लगाएंगे, उसके सामने हेराफेरी कैसे करेंगे
कार्यक्रम में प्रशासक ने राजस्थान का एक वाकया सुनाया। उन्होंने कहा कि कोटा में एक नई मार्केट बननी थी। ड्रॉ के जरिए दुकानें आवंटित की जानी थीं लेकिन कोई व्यापारी ड्रॉ में हिस्सा लेने नहीं आया। जब व्यापारियों से बहिष्कार का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि प्रशासन ने हर दुकान के सामने पेड़ लगाने की शर्त रखी है। अधिकारियों ने कहा कि यह तो अच्छा है। इससे एक ओर पेड़ बड़ा होकर ग्राहकों को छाया देगा वहीं उनके वाहन भी छाया में खड़े हो सकेंगे। व्यापारियों ने कहा कि वह पीपल नहीं लगाएंगे। हम पीपल को देवता मानकर पूजते हैं। दुकान के सामने पीपल होगा तो हेराफेरी कैसे करेंगे और लाभ कैसे कमाएंगे। प्रशासन के अधिकारी यह बात सुनकर हैरान रह गए। इसके बाद प्रशासन ने कहा कि आप पीपल की जगह नीम का पौधा लगा लीजिए। प्रशासन का उद्देश्य तो केवल मार्केट को हरा-भरा बनाना है। पुरोहित ने कहा कि पेड़ों से किसी भी रूप में लगाव रखना चाहिए। स्कूल के विद्यार्थियों से उन्होंने अपील की कि उन्हें प्रकृति से भावनात्मक रूप से जुड़े रहना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें