चंडीगढ़। ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू कराने या नया बनवाने से पहले अब ‘रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक’ को खरीदना और पढ़ना अनिवार्य हो जाएगा। ऐसी व्यवस्था लागू करने वाला चंडीगढ़ देश का पहला शहर बन जाएगा। इसके अलावा ग्राफिक्स के जरिये स्कूलों में पहली कक्षा से ही बच्चों को रोड सेफ्टी की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारी की है। जानकारी के अनुसार इस बुक को जनवरी के दूसरे हफ्ते में चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर द्वारा लांच किया जाएगा। बीते दिनों रोड सेफ्टी कमेटी की हुई बैठक में बुक को आखिरी अप्रूवल भी मिल चुकी है। चंडीगढ़ प्रशासन ने छह महीने के लिए करीब 50 हजार कॉपियों के ऑर्डर दे दिए हैं। करीब एक साल के रिसर्च के बाद रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक को चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग, एससीईआरटी और अराइव सेफ संस्था के संस्थापक हरमन सिद्धू ने मिलकर तैयार किया है।
पहली कक्षा से ही बच्चों को दी जाएगी ट्रैफिक नियमों की जानकारी
रोड सेफ्टी मैन्युअल बुक को सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में भी भेजा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके। बुक का मकसद स्कूली लेवल से ही बच्चों को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाना है ताकि वह बचपन से ही ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर रहें। प्राइमरी कक्षा के बच्चों को बुक में मौजूद ग्राफिक्स और चित्रों की मदद से पढ़ाया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे आने वाले पीढ़ी ट्रैफिक नियमों को लेकर ज्यादा सतर्क रहेगी और हादसों में भी कमी आएगी।
क्या खास है किताब में...
-हरमन सिद्धू ने बताया, किताब को चंडीगढ़ की तर्ज पर किया है तैयार
-हर वर्ग और उम्र के लोगों से फीडबैक लेकर लिखी गई है किताब
-राउंड अबाउट पर कैसे गाड़ी चलानी है, कैसे पार करनी है आदि की दी गई है जानकारी
-ट्रैफिक नियमों के साथ-साथ किताब में दी गई है हाईवे पर गाड़ी चलाते सावधानी बरतने की जानकारी
200 पन्नों की किताब को हर नए लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस रिन्यू करवाने वाले व्यक्ति को खरीदना होगा अनिवार्य
150 रुपए होगी इस किताब की कीमत
रोड सेफ्टी कमेटी में सुझाव दिया था कि चंडीगढ़ में ट्रैफिक नियमों की पालना की जानकारी देने के लिए एक मैनुअल बुक तैयार की जानी चाहिए। इसको लेकर कई लोगों से बातचीत भी की गई। काफी रिसर्च के बाद इस बुक को तैयार किया है। स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में बच्चों को किताब के माध्यम से पढ़ाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर रहे। जनवरी के दूसरे हफ्ते में इसे लांच किया जाएगा।
- उमा शंकर गुप्ता, एडिशनल सेक्रेटरी, ट्रांसपोर्ट विभाग