पीजीआई में अब निशक्तों को भी कोटा मिलेगा। केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की फटकार के बाद पीजीआई ने निशक्तों को रियायत देने का फैसला लिया है।
इस बारे में मंत्रालय की ओर से संस्थान को भेजी गई चिट्ठी भी मिल गई है। फैसला लागू होने के बाद निशक्तों को अब जॉब व एडमीशन में कोटा मिलेगा।
अब तक यह कोटा लागू नहीं था। इससे निशक्त लोगों को निराश होना पड़ता था। पीजीआई की निकाली गई जॉब पोस्ट में वे कोटे का कोई फायदा नहीं उठा पाते थे।
उन्होंने कई बार इस बारे में शिकायत भी भेजी। कई नियमों का हवाला भी दिया गया, लेकिन पीजीआई मानने को तैयार नहीं था।
इससे पहले संस्थान में ओबीसी व एससी कोटा लागू है। निशक्तों के लिए काम कर रही संस्थाओं ने बताया कि यह फैसला कई साल पहले लागू कर देना चाहिए था, लेकिन संस्थान आना-कानी कर रहा था।
शिकायत पर पीजीआई ने की थी कार्रवाई
गत वर्षों में कई बार पोस्ट निकाली गईं, लेकिन निशक्तों को कोटा नहीं मिला तो उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले पीजीआई से की। संस्थान की ओर से कोई पाजिटिव जवाब नहीं मिला तो उन्होंने सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट की ओर रुख किया।
मंत्रालय की ओर से उन्हें कई बार कहा गया, लेकिन संस्थान पर इसका असर नहीं हुआ। हर बार टाल-मटोल होती रही। जब मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लिया तो पीजीआई ने कोटा लागू करने का फैसला लिया।
सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय की ओर से पीजीआई की इस्टेबलिशमेंट ब्रांच को पत्र भी मिल चुका है। इस रियायत से चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब सहित अन्य प्रदेशों के निशक्तों को भी फायदा मिलेगा।