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अब कोरोना के लिए बनाई गई हेल्पलाइन का फोन नहीं उठाया तो कर्मचारियों को महंगा पड़ेगा

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चंडीगढ़। कोविड-19 के हेल्प डेस्क से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने वॉइस लॉगर की मदद लेने की योजना बनाई है। जीएमएसएच-16 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके नागपाल ने बताया कि कोविड हेल्प लाइन का संचालन लगातार किया जाना है। इसलिए फोन नहीं उठाने व इससे जुड़े अन्य शिकायतों के समाधान के लिए हेल्प डेस्क को वॉइस लॉगर से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, ताकि हेल्प लाइन और हेल्प डेस्क संबंधी किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर उसे साक्ष्य के आधार पर जांच कर उचित कार्यवाही की जा सके। इस तकनीक में आने वाले प्रत्येक कॉल को रिकॉर्ड करने की सुविधा होगी। जिस समय पर कॉल आया है उसकी डिटेल के साथ ही ना उठने वाले कॉल की भी जानकारी ली जा सकेगी। साथ ही कर्मचारी व लोगों के बीच जो बातचीत हुई होगी, उसका ब्यौरा भी मिल सकेगा।
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बता दें कि अमर उजाला ने वीरवार को रियलिटी चेक करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इस दौरान कोविड हेल्प डेस्क के नंबरों की रियलिटी जांच करने के लिए सभी नंबरों पर कॉल किया गया था। उस दौरान सिर्फ सेक्टर- 45 सिविल अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल रिसीव हुई थी। बाकी 6 नंबरों पर लगातार घंटी बजती रही, लेकिन किसी कर्मचारी ने कॉल रिसीव करने की जहमत नहीं उठाई जबकि स्वास्थ्य विभाग लगातार दावा कर रहा है कि कोविड हेल्पलाइन के माध्यम से प्रतिदिन 24 घंटे लोगों की मदद की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जीएमएसएच- 16 के चिकित्सा अधीक्षक ने हेल्पलाइन नंबर को वॉइस लॉगर से जोड़ने का निर्णय लिया है।
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