पंजाब सेवा अधिकार कमीशन की तरफ से पंजाब में सेवा अधिकार कानून के तहत लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए विशेष अदालतें लगाने की योजना तैयार की गई है।
यही नहीं इस कानून के तहत जानकारी देने के लिए अगर कोई अधिकारी लापरवाही दिखाएगा तो उसे 10 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। यह जानकारी डा. दलबीर सिंह वेरका ने बुधवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में दी।
वेरका कमिश्नर पंजाब सेवा अधिकार कमीशन के पद पर विराजमान हैं। वह पुलिस लाइन में दो दिवसीय ट्रेनिंग कैंप का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पंजाब सेवा अधिकार कमीशन की तरफ से पंजाब सरकार ने 18 विभागों को जोड़ा है। इन विभागों की 149 सेवाएं इस कमीशन में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मार्च 2014 तक सेवा अधिकार कानून तहत राज्य के 1,93,38,792 नागरिकों ने सेवाएं लेने के लिए आवेदन किए हैं। इनमें से 1,92,78,881 आवेदनों का हल कर दिया गया है। इस एक्ट के तहत देरी से सेवाएं मुहैया करवाने वाले 15 अधिकारियों को एक्ट की धारा 9 के तहत कमीशन ने करीब 30000 रुपये जुर्माने किए हैं।
वेरका ने कहा कि अगर पासपोर्ट वेरिफिकेशन अथवा अन्य मामले में कोई पुलिस अधिकारी द्वारा पैसे लेने की शिकायत मिलती है तो उसके बदले में शिकायतकर्ता को 4 गुना अधिक पैसे मुहैया करवाए जाएंगे। इस दौरान उनके साथ सहायक पुलिस कमिश्नर नवीन सिंगला, एच के नागपाल, सुखदेव सिंह तथा अन्य अधिकारी मौजूद थे।