चंडीगढ़ के फड़ी लगाने वालों के लिए खुशखबरी है कि शनिवार से नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते की ओर से उनका चालान नहीं काटा जाएगा। सिर्फ नए फड़ी लगाने वालों के चालान काटे जाएंगे। नगर निगम स्ट्रीट वेंडर एक्ट को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नगर निगम ने शहर में इस समय फड़ी लगाने वालों का सर्वे करने के लिए कंपनी किराए पर ली है। हरियाणा नवयुवक संघ को शहर में सर्वे करने का काम दिया गया है। सर्वे के लिए 28 सप्ताह का समय तय किया गया है। इस 28 सप्ताह के दौरान कंपनी शहर में फड़ी वालों का सर्वे करके उनके लाइसेंस जारी करने का भी काम करेगी, जबकि शहर में जोन भी तय करेगी जो कि जब पूरी तरह से एक्ट लगाया जाएगा तब उस जोन में ही फड़ी वालों को काम करने का अधिकार दिया जाएगा। मालूम हो कि इस समय करीब 20 हजार फड़ी वाले शहर में काम कर रहे हैं। सर्वे के दौरान उन फड़ी वालों को भी शामिल किया जाएगा जो एक जगह से दूसरी जगह जाकर अपना सामान बेचते हैं।
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र चौधरी का कहना है कि 28 सप्ताह तक इसलिए पुराने फड़ी वालों के चालान नहीं काटे जा रहे ताकि पता लग सके कि कौन कौन फड़ी लगा रहा है।
अगर कोई सरकारी प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाता है या फिर कहीं पर कोई आवाजाही बाधित होती है और उस जगह पर कोई फड़ी लगाता है तो उस पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। चौधरी का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं कि शहर में अब कोई चालान नहीं कटेगा। उनका कहना है जो व्यापारी अपनी दुकान के आगे सरकारी जमीन पर कब्जा करेंगे उनका चालान काटा जाएगा।