लोकसभा चुनाव की टिकट को लेकर चंडीगढ़ कांग्रेस में अभी बगावत चल ही रही है कि अब यहां के भाजपाई भी आपस में भिड़ गए।
हुआ यूं कि आज सेक्टर 37 स्थित पंजाब प्रदेश के भाजपा कार्यालय में लोकसभा चुनाव को लेकर मीटिंग बुलाई गई थी।
मीटिंग में चंडीगढ़ भाजपा प्रभारी आरती मेहरा विशेष तौर पर शामिल हुईं थी। मीटिंग शुरू होने से पहले ही भाजपाइयों में आपस में भिड़ंत हो गई।
मामला मीटिंग में शामिल होने के लिए बनाए गए पहचानपत्र को लेकर भाजपा पार्षद आशा जसवाल और पूर्व पार्षद अनिल दूबे के बीच शुरू हुआ था।
भाजपा पार्षद आशा जसवाल के पास काफी पहचानपत्र थे, वे बारी-बारी उसे कार्यकर्ताओं को बांट रही थीं। अनिल दूबे उनके पास गए और पहचानपत्र की मांग की।
सूत्र बताते हैं कि आशा जसवाल ने उनसे कहा कि जब आपकी बारी आएगी तो आप ले लेना। इस बात से गुस्साए अनिल ने आशा से पहचानपत्र छीना और उनपर ही पटक दिया। इससे मामला बहस में तब्दील हो गया।
गौरतलब है कि अनुशासनहीनता के चलते अनिल दूबे को पहले ही पार्टी से बाहर किया जा चुका है। अभी हाल ही में प्रदेशाध्यक्ष ने इन्हें बीजेपी कॉलोनी सेल के संयोजक पद से हटाया था।
वहीं,भाजपाइयों ने ये भी आरोप लगाया कि मीटिंग में सीमित लोगों को बुलाया गया था, लेकिन संजय टंडन ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को बुला दिया, जबकि हरमोहन धवन और सत्यपाल जैन के कार्यकताओं को मीटिंग के बारे में बताया ही नहीं गया।