धरने पर बैठे किसान और ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के अबोहर जिले के गांव कल्लरखेड़ा में 46 मकानों पर बुलडोजर चल सकता है। दरअसल, यह सभी मकान पंचायत की जमीन पर बने हैं। पंजाब सरकार ने नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद ही ग्रामीणों में रोष है। नोटिस के विरोध में सोमवार को कई किसान संगठनों और ग्रामीणों ने सुबह 10 से 12 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया। इस दौरान सभी ने पंजाब सरकार के खिलाफ रोष जताया। सड़क जाम से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसान यूनियन के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने बताया कि पंजाब सरकार ने जिन 46 मकानों को खाली करने का नोटिस जारी किया है... वे यहां पर पिछले कई दशकों से रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर अपने आप को किसानों और मजदूरों की हितैषी बता रही है तो वहीं दूसरी ओर गांव कल्लरखेड़ा की पंचायती जमीन पर बसे 46 घरों को खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। इससे सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने अपना नोटिस वापस लेकर फैसले को रद्द नहीं किया तो वे बड़े स्तर पर संघर्ष करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान चक्का जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम में किसान नेता सुखमंदर सिंह, दर्शन सिंह, जगतार सिंह, रंजीत सिंह, बलवीर सिंह, विपन कुमार, लवप्रीत सिंह, पम्मा सिंह, वेद कुमार, देसराज, मोहन फौजी, आलमजीत, महिंदर कुमार व लखविंदर सिंह मौजूद रहे।