चंडीगढ़ में अवैध कंस्ट्रक्शन के मामले में भाजपाध्यक्ष संजय टंडन समेत 3 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर प्रिंस धवन के पिता केके धवन और चंडीगढ़ के पूर्व होम सेक्रेटरी कृष्ण मोहन शामिलह हैं। इन सभी की प्रापर्टी गांव खुड्डा अलीशेर में है। एग्रीकल्चर लैंड पर सभी बाउंड्रीवाल कर चुके हैं। केके धवन के प्लाट में तो किसी सेल्युलर कंपनी का टावर तक लग चुका है। अलग से कमरे का निर्माण हो चुका है।
वहीं, संजय टंडन के एक एकड़ से अधिक के प्लाट में चारदीवारी हो चुकी है। अंदर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। केके धवन का प्लाट टंडन के प्लाट से दो प्लाट छोड़कर है। केके धवन के प्लाट का खसरा नंबर-12 का 17/1 और 18 का 23/1/1 और कृष्ण मोहन का खसरा नंबर 21 का 3/1/1/2 है। ग्राउंड लेवल पर पटवारी की रिपोर्ट के बाद डीसी अजीत बालाजी जोशी ने नोटिस भिजवा कर निर्माण रोकने के आदेश दिए हैं।
डीसी के आदेश पर लैंड एक्वीजिशन ऑफिसर (एलएओ) अमित तलवार ने पंजाब न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कंट्रोल एक्ट, 1952 के तहत सभी को नोटिस भेजा। नोटिस में छह सप्ताह के अंदर निर्माण तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
60 से अधिक लोगों को नोटिस
खुड्डा अलीशेर में इनके साथ 40 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया गया है। कई दूसरे गांवों के 700 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा गया है। यह सभी वे लोग हैं जिनकी लाल डोरा से बाहर प्रापर्टी है और इस प्रापर्टी पर किसी न किसी तरह का कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है। इनमें बहुत से ऐसे नाम हैं जो उच्च पदों पर आसीन हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने लाल डोरा से बाहर प्रापर्टी खरीद चुके लोगों में हलचल पैदा कर दी है। चंडीगढ़ के आस-पास कोई भी गांव ऐसा नहीं है। जिसमें लाल डोरा से बाहर निर्माण न हुआ हो। एग्रीकल्चर लैंड पर कॉमर्शियल गतिविधियां हो रही हैं। बड़े-बड़े फार्म हाउस बन चुके हैं।
लाल डोरे से बाहर का हो रहा सर्वे
लाल डोरा से बाहर कितना निर्माण हो चुका है और कितने प्लाट पर निर्माण चल रहा है, यूटी प्रशासन यह रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसके लिए डीसी अजीत बालाजी जोशी सभी गांवों में लाल डोरे से बाहर सर्वे करवा रहे हैं। पटवारी अपने-अपने गांवों की रिपोर्ट एलएओ को सौंप रहे हैं। जिसके बाद उन पर कार्रवाई हो रही है।
हमें प्लाट पर माली हट बनाने की परमिशन है। मोबाइल टावर की अप्रूवल के लिए आवेदन कर रखा है। वह प्रशासन के नोटिस का जवाब भी दे चुके हैं।
- केके धवन
प्रशासन का नोटिस मिला है। प्लाट की चारदीवारी की गई है। इसके अलावा कोई निर्माण नहीं किया जाएगा। नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
- कृष्ण मोहन, पूर्व होम सेक्रेटरी, चंडीगढ़
प्रशासन का नोटिस मिलते ही निर्माण रुकवा दिया गया था। जब प्रशासन परमिशन देगा तभी काम शुरू करेंगे। पीजीआई लंगर के लिए किचन यहां बनाया जाना था। जिसमें रोजाना 1 हजार लोगों के लिए खाना बनना था। अब उसे कहीं और बनाएंगे।
- संजय टंडन, प्रदेशाध्यक्ष, चंडीगढ़, भाजपा
लाल डोरा से बाहर निर्माण पर बहुत से लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को एग्रीकल्चर लैंड पर अवैध कंस्ट्रक्शन रोकने और कंस्ट्रक्शन गिराने के आदेश दिए गए हैं।
- अमित तलवार, एलएओ, चंडीगढ़