हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कोटखाई में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले से जुड़े व्यक्ति सूरज की हिरासत में हुई हत्या के आरोपी पूर्व आईजी जहूर हैदर जैदी ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 60 दिन की अंतरिम जमानत देने की पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट से मांग की है।
इस संबंध में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई करते हुए जस्टिस अलका सरीन ने सीबीआई को 1 मई के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही एजेंसी को जैदी का मेडिकल रिकॉर्ड भी पेश करने के आदेश दिए हैं।
जैदी ने अपनी अंतरिम जमानत की मांग को लेकर याचिका में कहा है कि एक तो वह पहले ही हाईपरटेंशन का मरीज है और उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। उसे डर है कि कोविड-19 महामारी से वह संक्रमित हो सकता है। ऐसे में उसके स्वास्थ्य को देखते हुए 60 दिन की अंतरिम जमानत दी जाए।
बता दें कि जैदी ने पहले ही अपनी जमानत की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। कोरोना के चलते उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित हो चुकी है। अब उसने अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर 60 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की है।
सूरज की कोटखाई थाने में हुई थी संदिग्ध हालात में मौत
बता दें कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई के एक स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के एक आरोपी स्थानीय युवक सूरज की कोटखाई थाने में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। मामले में सीबीआई ने आईजी जहूर हैदर जैदी सहित कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस केस की अब चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।